महायज्ञ को लेकर 30 अप्रैल को ध्वजारोहण करने का निर्णय लिया गया. वहीं 15 मई को कलशयात्रा के साथ महायज्ञ शुरू होगा, जो 23 मई तक चलेगा. इस दौरान पूरे इलाके में साज सज्जा के साथ भक्ति संध्या व अन्य धार्मिक अनुष्ठान होंगे. ग्रामीणों ने बताया कि यह काफी पौराणिक मंदिर है. इस पर पूरे इलाके के लोगो की आस्था है. ऐसी मान्यता है कि यहां पर लोग जो भी मनोकमना मांगते हैं वह माता अवश्य पूरा करतीं हैं. बैठक में पुरोहित श्रीकांत मिश्रा, मिथलेश पांडेय, दिनेश यादव, दिलीप पासवान, प्रमोद सिंह, किशोर राम, ज्ञानी दास, राजेंद्र यादव, सुनील गिरि, विनोद यादव, बलदेव सिंह, रामेश्वर राम, महेश यादव, प्रभुनाथ सिंह, राम नारायण सिंह, जागेश्वर गोप, संतोष यादव, विजय कोल्ह, बाजो कोल्ह, बबलू सिंह, श्रीकांत आदि मौजूद थे.
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