कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्रो योगेश प्रसाद ने अपने बीज वक्तव्य में गोदान की पृष्ठभूमि, कथावस्तु तथा उसमें चित्रित ग्रामीण जीवन का सविस्तार वर्णन किया. उन्होंने उपन्यास में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक तथा पारिवारिक स्थिति के वस्तुगत यथार्थ को विवेचित किया.
उपन्यास आज भी प्रासंगिक : राहुल कुमार
बतौर मुख्य अतिथि टेकलाल महतो डिग्री कॉलेज विष्णुगढ़ के राहुल कुमार गुप्ता ने उपन्यास में स्त्री पात्रों की भूमिका तथा उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला. प्रो गौतम कुमार सिंह ने यथार्थ चित्रण, निहितार्थों व सामाजिक-राजनीतिक आशयों के लिए इस उपन्यास को आज भी प्रासंगिक बताया. मौके पर सहायक प्राध्यापक प्रो प्रियंका कुमारी ने पीपीटी के माध्यम से बच्चों को समझाया. उन्होंने विशेष रूप से उपन्यास के सामाजिक संदेश और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता को स्पष्ट किया. मौके पर उप प्राचार्य यशवंत कुमार सिन्हा, प्रो डेगलाल महतो, प्रो कुबेर अग्रवाल, प्रो संगीता कुमारी आदि उपस्थित थे.
