पुलिस को देखते ही कई लोग खिसक गये. बता दें कि झारखंड हाईकोर्ट ने कुछ माह पूर्व रिसीवर बहाल करने वाले एसडीएम के आदेश को खारिज कर दिया है. इस आदेश के बाद संस्थान का संचालन ट्रस्ट को करना है. लेकिन, प्रबंधन में विवाद को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़े हुए हैं.
इस मामले पर केआइटी के प्रभारी प्राचार्य प्रदीप कुमार सिन्हा ने बताया कि ट्रस्ट से निष्कासित कुछ गुर्गों के साथ संस्थान पहुंचे और परिसर में काफी देर तक हुड़दंग मचाया, गाली-गलौत भी की. हंगामा बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गयी तो मामला शांत हुआ. उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को भी आशुतोष पांडेय के लोगों ने ताला तोड़कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज को गायब कर दिया था.पुन: कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है. प्रभारी प्राचार्य ने कहा कि संस्थान के परिसर में ट्रस्ट के सचिव व केआईटी की उपाध्यक्ष डॉ शुक्ला रानी अपने सास-ससुर के साथ संस्थान परिसर में निवास करती है. उन्होंने सुरक्षा की भी मांग की.
जिला प्रशासन को अवगत कराया गया है : थाना प्रभारी
बेंगाबाद के थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि केआइटी के प्रबंधन को लेकर विवाद है. दो गुट आपस में भिड़ते रहते हैं. फिलहाल मामले को शांत कराया गया है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है. इस मामले में दंडाधिकारी की नियुक्ति के लिए पत्र लिखा जायेगा.
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