सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में शुक्रवार को रक्त नहीं मिलने से नाराज मरीजों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप था कि संबंधित ग्रुप का ब्लड उपलब्ध होने के बावजूद थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को रक्त नहीं दिया जा रहा है. इसे लेकर कई लोग सुबह से शाम तक ब्लड बैंक में इंतजार करते रहे और देर शाम विरोध जताया.
दिनभर इंतजार के बाद भी नहीं मिला ब्लड
देवरी प्रखंड से अपने बच्चे के लिए रक्त लेने पहुंची पिंकी देवी ने बताया कि उनके बच्चे का हीमोग्लोबिन मात्र तीन ग्राम है. वह शुक्रवार सुबह ब्लड लेने सदर अस्पताल पहुंची थीं. उन्हें शुरुआत में बताया गया था कि रक्त उपलब्ध करा दिया जाएगा. इसी भरोसे वह पूरे दिन ब्लड बैंक में इंतजार करती रहीं, लेकिन शाम को कर्मियों ने ब्लड खत्म होने की जानकारी दी.
चार्ट में स्टॉक दिखने के बावजूद नहीं मिला रक्त : परिजन
गिरिडीह शहर के छह नंबर निवासी रजिया खातून ने बताया कि वह अपने बच्चे के लिए ए पॉजिटिव ब्लड लेने सुबह करीब आठ बजे ब्लड बैंक पहुंची थीं. दिनभर उन्हें रक्त उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया जाता रहा. देर शाम करीब आठ बजे कर्मियों ने बताया कि ए पॉजिटिव ब्लड समाप्त हो चुका है. रजिया खातून का आरोप है कि ब्लड बैंक के स्टॉक चार्ट में ए पॉजिटिव ब्लड की नौ यूनिट उपलब्ध दर्शायी गयी थी, इसके बावजूद उन्हें रक्त नहीं दिया गया.
हंगामे के बाद जांच में जुटा अस्पताल प्रशासन
मामले की जानकारी मिलने पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. अरविंद कुमार ब्लड बैंक पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने ब्लड बैंक कर्मियों से भी पूछताछ की. डॉ. कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
