देवरी (गिरिडीह). देवरी प्रखंड क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश से किसानों को दोहरी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. बारिश से जहां धान की फसल को फायदा हुआ है, वहीं तैयार मूंग और भदई सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंच रहा है. खेतों में पानी जमा होने के कारण कई किसान निर्धारित समय बीतने के बाद भी धनरोपनी में जुटे हुए हैं.
धान की रोपाई के शुरुआती दौर में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण धनरोपनी प्रभावित हुई थी. अब लगातार बारिश होने से खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है. इससे किसानों को राहत मिली है और धान की खेती को गति मिली है.
बढ़ा जलस्तर, रबी फसल की उम्मीद जगी
लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के सिंचाई कूप, नदी और तालाबों का जलस्तर भी बढ़ गया है. इससे किसानों को रबी फसल की खेती को लेकर उम्मीद जगी है. किसानों का कहना है कि जलाशयों में पर्याप्त पानी रहने से रबी मौसम में गेहूं, चना, सरसों समेत अन्य फसलों की सिंचाई में सुविधा होगी.
तैयार मूंग की फलियां गिर रहीं, फसल सड़ने का खतरा
इधर, लगातार बारिश तैयार मूंग की फसल के लिए परेशानी बन गयी है. किसानों के अनुसार खेतों में मूंग की फसल पककर तैयार है, लेकिन बारिश के कारण समय पर उसकी तोड़ाई और कटाई नहीं हो पा रही है.
किसानों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मूंग की फलियां टूटकर जमीन पर गिर रही हैं. खेतों में पानी जमा रहने से पौधों के सड़ने का खतरा भी बढ़ गया है. इससे तैयार फसल को नुकसान हो रहा है और किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है.
कृषक टेकलाल महतो, छक्कू वर्मा, भुवनेश्वर महतो, रघुनंदन वर्मा, कार्तिक वर्मा, राजेंद्र वर्मा, सुखदेव सिंह, बच्चूनारायण राय, राजकुमार वर्मा, मनोज सिंह और शंकर तिवारी समेत अन्य किसानों ने बताया कि अगर बारिश का सिलसिला जारी रहा तो मूंग की फसल को और नुकसान हो सकता है.
भदई सब्जियों पर भी बारिश की मार
बारिश का असर भदई सब्जियों की खेती पर भी पड़ा है. करैला, कद्दू, झींगा और हरी मिर्च की फसलों में खेतों में पानी जमा होने से जड़ सड़ने की समस्या सामने आ रही है. किसानों के अनुसार लगातार जलजमाव से सब्जियों के पौधों को नुकसान पहुंच रहा है.
किसानों का कहना है कि बारिश धान की फसल के लिए इस समय लाभदायक साबित हो रही है, लेकिन तैयार मूंग और भदई सब्जियों के लिए यही बारिश नुकसान का कारण बन गयी है. तैयार फसल की समय पर कटाई नहीं हो पाने और खेतों में जलजमाव के कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.
