वहीं प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भोजन करने पहुंचे प्रशिक्षुओं को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिए जाने को लेकर भोजन का बहिष्कार कर दिया . फलस्वरूप प्रशिक्षण में भाग लेने पहुंचे 56 प्रशिक्षु पंचायत सहायक, पंचायत सेवक व मुखिया बिना भोजन किए वापस घर लौट गये.
प्रशिक्षुओं ने कहा
इस मामले को लेकर प्रशिक्षु के रूप प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे मुखिया विनोद हेम्ब्रम, शांति किस्कु, जितेंद्र शर्मा, तनुजा मरांडी, अनीता वर्मा, फुलमंती देवी, आशा देवी, पंचायत सहायक विकास पांडेय, शुभान अंसारी, बबलू रजक, दीपक कुमार राय, मुकेश कुमार सहित कई ने विरोध जताते हुए कहा कि प्रशिक्षण में प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण किट में एक कॉपी, एक कलम, एक जुट का बैग, एक बोतल पानी, ट्रेनिंग सामग्री का प्रिंट आउट उपलब्ध करवाया जाना है. लेकिन, व्यवस्थापक के द्वारा कोई सामग्री उपलब्ध नहीं करवाया गया. इधर विरोध जताने वाले प्रशिक्षु पंचायत सहायक, पंचायत सेवक व मुखिया के द्वारा देवरी के बीडीओ को लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत की गयी.
कांग्रेसी व झामुमो नेता की कार्रवाई की मांगमामले को लेकर कांग्रेसी नेता धोकल दास, झमुमो के सुबोध सिंह ने प्रशिक्षण में अव्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी व व्यवस्थापक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की. कांग्रेसी नेता धोकल दास ने कहा कि व्यवस्थापक की मनमानी की वजह से प्रशिक्षुओं को दिन भर प्रशिक्षण लेने के बाद भोजन से वंचित रहना पड़ा. इस मामले में व्यवस्थापक के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए.प्रशिक्षक के कार्य पर जताया संतोषहालांकि प्रशिक्षु पंचायत सहायक, पंचायत सेवक व मुखिया ने प्रशिक्षण में प्रशिक्षकों के कार्य पर संतोष जताया. कहा कि प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रशिक्षक रागिनी सिन्हा, धर्मेंद्र प्रसाद वर्मा, अजय वर्मा व गुलजार मोहम्मद खान के द्वारा ग्राम सभा के प्रपत्र 4, 5, 6 व 7 को भरने, गरीब, असहाय लोगों को चिन्हित करने एवं अन्य जानकारी विस्तार पूर्वक दी गयी. इस संबंध में देवरी के बीडीओ कुमार बंधु कच्छप ने बताया कि प्रखंड में चल रहे प्रशिक्षण में किट उपलब्ध नहीं करवाने व मीनू के अनुसार भोजन नहीं देने की शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की गयी. जांच में शिकायत सत्य पाया है.
