आरोपी के खिलाफ प्रयागराज पुलिस कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी करवा चुकी है. जानकारी के मुताबिक आरोपी ने अगस्त 2023 में प्रयागराज स्थित प्रो विनोद यादव से बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करवाकर करीब 6.64 लाख रुपये की ठगी की थी. इस मामले में प्रयागराज साइबर थाना कांड संख्या 11/2023 दर्ज है. पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के दौरान प्रयागराज पुलिस आरोपी की तलाश में कई बार गिरिडीह पहुंची, लेकिन आरोपी नहीं मिला. इस बीच कोर्ट से जारी आदेश पर बुधवार को थाना मुफ्फसिल पुलिस बल की मौजूदगी में आरोपी के घर पर इश्तेहार चिपकाया. इश्तिहार में चेतावनी दी गयी है कि यदि आरोपी तय समय में अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जायेगी.
कई राज्यों की पुलिस ढूंढ रही है
सुनील मंडल को कई राज्यों की पुलिस ढूंढ रही है. इसमें झारखंड ही नहीं, बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्य की पुलिस शामिल है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुनील मंडल के तार एक संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है. यह गिरोह बिजली बिल, लोन, बैंक अकाउंट अपडेट और केवाइसी जैसा झांसा देकर मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करवाता है और फिर उनके खाते से लाखों रुपये साफ कर देता है. सूत्र बताते हैं कि कुछ माह पूर्व बिहार पुलिस की एक टीम भी गिरिडीह पहुंची थी. टीम का मकसद सुनील को दबोचना था. हालांकि, आरोपी फरार हो गया. मालूम रहे कि 20 अगस्त को गिरिडीह साइबर थाना की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि सुनील अपने घर गपई में मौजूद है. सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस की टीम गांव पहुंची और सुनील मंडल को हिरासत में ले लिया. लेकिन जैसे ही पुलिस टीम आरोपी को लेकर वाहन में बैठाने लगी, गांव के कुछ लोग अचानक जमा हो गये और पुलिस दल पर पथराव शुरू कर दिया. इस हमले में गिरिडीह साइबर थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. हालात बिगड़ते देख पुलिस को पीछे हटना पड़ा और इसी अफरा-तफरी के बीच सुनील पुलिस की गिरफ्त से छूटकर भाग हो गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
