प्रखंड की जामजोरी पंचायत के भातूपुर में ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां लाभुक को भरमाकर एक ठेकेदार ने नाममात्र की मिट्टी कटवाकर मनमाने तरीके से डिमांड व मस्टर रोल भरकर 80 हजार रु की निकासी कर लेने का मामला प्रकाश में आया है.
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024 में प्रखंड की जामजोरी पंचायत अंतर्गत भातूपुर में वर्क कोड 3419006014/आई एफ/7080902588477 के तहत सोमोती देवी के नाम से तालाब निर्माण की स्वीकृति हुई. कालांतर में कुछ दिन तालाब की खुदाई भी हुई. नाममात्र की मिट्टी कटाई के बाद 310 मानव दिवस का मस्टर रोल भरकर व डिमांड डालकर 80 हजार रु की निकासी कर ली गयी. इसके बाद तालाब निर्माण का कार्य बंद कर दिया गया.क्या कहती हैं लाभुक
लाभुक सोमोती देवी ने कहा कि दो वर्ष से कार्य बंद था. इस बीच प्रशासनिक स्तर पर जब तालाब को पूर्ण करने या क्लॉज करने का दबाव बढ़ा तो उसने ठेकेदार पर दबाव बनाया. उसकी जमीन पर तालाब बनाने का जिम्मा लेने के करार पर उप मुखिया का हस्ताक्षर है. मुखिया व प्रशासन से तालाब निर्माण पूर्ण कराने की लाभुक ने मांग की है.समझौता होने के बाद भी बंद है कार्य
पीड़िता (लाभुक) की परेशानी को देखते हुए एक अन्य व्यक्ति ने तालाब का निर्माण शुरू किया और डिमांड लगाया तो विवाद हो गया. मामले को ले ग्रामीण स्तर पर सामाजिक बैठक हुई और पुनः उप मुखिया के संग तालाब पूर्ण करने पर सहमति बनी, पर अब तक कार्य चालू नहीं हुआ है.
50 हजार की एमबी, 80 हजार की निकासी जांच के घेरे में
सोमोती देवी के नाम से स्वीकृत तालाब के निर्माण में जेई प्रवीण कुमार मंडल ने महज 50 हजार की एमबी की है, पर उक्त योजना में 80 हजार की निकासी हो जाना समझ से परे है. इस बाबत जेई ने बताया कि जितना काम हुआ है, उतना एमबी बुक है. विवाद के कारण योजना अपूर्ण है.फर्जी डिमांड के कारण छोड़ दिया था काम
लाभुक के नाम स्वीकृत तालाब का काम करने का जिम्मा लेनेवाले उप मुखिया के पति ने बताया कि उन्होंने मजदूर लगाकर तालाब की खुदाई शुरू की और डिमांड भी लगाया, पर इसी योजना में अन्य व्यक्ति द्वारा फर्जी डिमांड लगाकर राशि की निकासी की बात सामने आने पर उसने काम बंद कर दिया. कहा कि समझौते के आधार पर वे पुन: काम शुरू कर तालाब को पूर्ण कर देंगे.
काम पूर्ण कराने का निर्देश दिया है : बीडीओबीडीओ निशात अंजुम ने कहा कि यह योजना उनके कार्यकाल से पहले की है. उन्होंने मुखिया व रोजगार सेवक को निर्माणाधीन तालाब को पूर्ण कराने का निर्देश दिया है. कम काम और ज्यादा निकासी के सवाल पर कहा कि दो वर्ष पूर्व की योजना है, मामले की जांच की जायेगी.