मुखिया ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ दंडनीय अपराध भी है. इसे जड़ से समाप्त करने के लिए पंचायत के धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व संबंधित कर्मियों का सक्रिय सहयोग आवश्यक है. समाज की सहभागिता से ही इस कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगायी जा सकती है. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बिना आयु प्रमाणपत्र के पंचायत क्षेत्र के किसी भी धार्मिक स्थल पर विवाह नहीं कराया जायेगा. साथ ही पंचायत क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम के लिए सतत निगरानी रखने का भी निर्णय लिया गया.
हेल्पलाइन को करें सूचित
कहा कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिलती है तो पंचायत, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तत्काल सूचना दें. कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि बीएन महतो, पंसस अखिलेश राणा, पंचायत सचिव पुष्पा तिवारी, धर्मेंद्र पांडेय, देवानंद पांडेय, महेंद्र महतो, शम्सुद्दीन अंसारी, ईश्वर विश्वकर्मा, बोधी महतो, अखलेश्वर महतो, इदरीश अंसारी, रेखा कुमारी, अनीता देवी, प्राची कुमारी, किरण रजक, जगरनाथ ठाकुर, संजय कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे.
