इसकी शुरुआत बीडीओ निसात अंजुम ने की. कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसके उन्मूलन के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों व समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारियों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलायी और निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सक्रियता से कार्य करते हुए लोगों को जागरूक करें और बाल विवाह मुक्त झारखंड के निर्माण में योगदान दें. बाल संरक्षण विभाग के सुबोध कुमार ने बाल विवाह के दुष्परिणाम, स्वास्थ्य व सामाजिक प्रभाव तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी.
समुदाय को इस कुरीति के खिलाफ संगठित करने पर जोर
सभी बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी (सीएमपीओ) को निर्देशित किया कि वे ग्राम स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता गतिविधियां संचालित करें और समुदाय को बाल विवाह के विरुद्ध संगठित करें. मौके पर मुखिया, पंचायत सचिव, महिला पर्यवेक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका समेत बाल विकास परियोजना के प्रखंड समन्वयक समेत कई जनप्रतिनिधि व कर्मी उपस्थित थे.
