शिक्षक संगठन समन्वय समिति की बैठक बुधवार को झंडा मैदान के समीप हुई. अध्यक्षता करते हुए झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड मंत्री परिषद ने टीजीटी के 8650 व पीजीटी के 250 कुल 8900 रिक्त व स्वीकृत पद को समाप्त कर दिया है. अब उच्च व प्लस टू उच्च विद्यालयों में टीजीटी-पीजीटी की बहाली ना होकर माध्यमिक आचार्य पद पर बहाली की जायेगी. साथ ही वेतनमान लेबल सात व लेवल आठ पर जो बहाली होती थी, अब लेबल छह पर ही नियुक्ति होगी. नयी नियुक्तियों में शिक्षकों का वेतन कम हो जायेगा. इसके पूर्व प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक की नियुक्ति होती थी, उसे बंद कर सहायक आचार्य की नियुक्ति करने का निर्णय लिया और वेतनमान भी घटा दिया गया. इस निर्णय को सरकार अविलंब वापस ले, अन्यथा सभी शिक्षक संगठन का विरोध झेलना पड़ेगा. साथ ही सहायक शिक्षक, स्नातक शिक्षक व स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक की बहाली शुरू करे. झारखंड लोक सेवा आयोग की बहाली में शिक्षकों को पूर्व की भांति सम्मिलित होने का अवसर दिया जाये. वर्तमान समय में विद्यालयों की संख्या बढ़ी है. सरकार को नयेपदों का सृजन करना चाहिए, लेकिन पद को समाप्त कर रही है. वर्ग एक से आठ तक दो शिक्षकों के भरोसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है, यह कैसे संभव है. राज्य के हजारों विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं. उच्च व प्लस टू विद्यालय में अभी तक पद सृजित नहीं है. संचालन माध्यमिक शिक्षक संघ के राजेश कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन प्राथमिक शिक्षक संघ के आनंद शंकर ने किया. मौके पर ऋषिकांत सिन्हा, घनश्याम गोस्वामी, केदार प्रसाद यादव, रविकांत चौधरी, सत्यनारायण वर्मा, बम शंकर प्रसाद सिंह, विकास सिन्हा, मीरा रजक, नूतन शर्मा, कुमारी सीमा मौर्य, रूपा कुमारी, रेणु कुमारी, मालालता मुर्मू, कार्तिक वर्मा, राजेश कुमार, मो नौशाद समा, युगल किशोर पंडित, बिपिन कुमार, उमेश चौधरी, दीपक कुमार, राज नारायण वर्मा आदि थे.
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