Giridih News :22 .46 करोड़ से बनी पेयजलापूर्ति योजना का लाभ नहीं

Giridih News :लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके, इसके लिए सरकार ने जगह-जगह जलमीनार लगवायी थी. पाइपलाइन के सहारे घर-घर पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की गयी. लेकिन करोड़ों खर्च के बाद भी जनता को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है.

कैसे होगा सुधार. ट्रांसफॉर्मर व लो वोल्टेज की समस्या से तीन वर्षों से 22000 आबादी हो रही है प्रभावित

लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके, इसके लिए सरकार ने जगह-जगह जलमीनार लगवायी थी. पाइपलाइन के सहारे घर-घर पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की गयी. लेकिन करोड़ों खर्च के बाद भी जनता को शुद्ध पेयजल नहीं मिल रहा है. यहीं सरिया प्रखंड क्षेत्र के बागोडीह स्थित जलमीनार की है. सरिया प्रखंड क्षेत्र के बागोडीह, सबलपुर व नावाडीह पंचायत के लगभग लोगों की शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बागोडीह में ग्रामीण जलापूर्ति योजना की आधारशिला 26 सितंबर 2012 को तत्कालीन विधायक विनोद कुमार सिंह ने रखी थी. 22 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस योजना में उक्त तीनों पंचायत में 33 किमी पाइप लाइन बिछायी गयी. पानी टंकी, इंटेक वेल, फिल्टर हाउस आदि का निर्माण किया गया. वर्ष 2015 में योजना बनकर तैयार हो गयी. इसके संचालन तथा देखरेख के लिए पांच कर्मियों को रखा गया. संवेदक उन्हें मानदेय देता था. लोगों की मानें तो निर्माण के बाद कुछ वर्षों तक कुछ मोहल्ले में पानी की आपूर्ति की जाती रही. कई मोहल्ले के लोग इससे वंचित रहे. इसी बीच संवेदक ने कर्मियों का मानदेय बंद कर दिया गया. कहा गया कि पेयजल के लिए मुखिया की अगुवाई में कमेटी बनाकर इसे संचालित किया जाये. ग्रामीणों से शुल्क की वसूली कर कर्मियों को भुगतान दिया जायेगा, परंतु आज तक ऐसा नहीं हुआ. 18 माह से कर्मियों का मानदेय भी बंद है.

इंटेक वेल में बालू भरा, मोटर भी जला

इधर, बराकर नदी में बने इंटेक वेल में बालू भर जाने, मोटर के जने व ट्रांसफॉर्मर के खराब हो जाने के कारण पिछले तीन वर्षों से पेयजलापूर्ति बाधित है. स्थानीय मुखिया धनेश्वर साव के प्रयास की खराब पड़े मोटर को रिपेयर कराकर पानी की आपूर्ति चालू करवायी गयी थी, लेकिन यह भी सफल नहीं हुई. इन दिनों पेयजल की समस्या से परेशान हैं. गर्मी की शुरुआती दौर में ही उन्हें बाजार से जार का पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है. बताया गया कि इसकी शिकायत तत्कालीन विधायक विनोद कुमार सिंह को मिली तो, उन्होंने मोटर, स्टेबलाइजर, डैशबोर्ड एवं अन्य जरूरत के सामान 47 लाख रुपए की लागत से लगवाया. इसके बाद भी यह योजना बिजली की समस्या व लो वोल्टेज के कारण चालू नहीं हो सकी.

मशीनों को दुरुस्त किया जायेगा : जेई

पेयजल विभाग के कनीय अभियंता शिवशंकर कुमार ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व बगोडीह जलापूर्ति योजना के मोटर में खराबी आने के कारण इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पा रहा था. पूर्व विधायक विनोद कुमार सिंह की अनुशंसा पर खराब पड़ी सभी मशीनों को दुरुस्त कर दिया गया हैस ताकि जलापूर्ति निर्बाध गति से हो सके. ट्रांसफॉर्मर में गड़बड़ी तथा लो वोल्टेज के कारण पेयजल आपूर्ति की समस्या बनी हुई है. इसे हल करने के लिए विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया है. जल्द ही बंद पड़ी इस योजना को चालू किया जायेगा.

मानदेय कर्मियों को 18 माह का मानदेय बकाया

मानदेय कर्मी संजू सिंह का कहना है कि पेयजलापूर्ति लगभग तीन वर्षों से बंद है. 18 महीने से कर्मियों के मानदेय का भी भुगतान नहीं हो सका है. यदि यह योजना नियमित रूप से चालू होती, तो उपभोक्ताओं द्वारा निर्धारित शुल्क की वसूली कर कमेटी के माध्यम से मानदेय का भुगतान होता. विभाग इसे जल्द चालू करवाने की पहल करे.

क्या कहते हैं स्थानीय लोग

पेयजल आपूर्ति योजना विभाग की लापरवाही के कारण बंद पड़ी है. पानी टंकी को पंचायत को हस्तांतरित भी नहीं किया गया है. विभाग जल्द ही इस दिशा में गंभीर होकर इस बंद पड़ी जलापूर्ति योजना को चालू नहीं करती है, तो आंदोलन किया जायेगा.

धनेश्वर साव,

मुखिया, बागोडीह

सरकार के करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अधिकारी व संवेदक की मिलीभगत के कारण यह योजना बेकार पड़ी है. इस कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोग पानी खरीद कर पीने को विवश हैं. विभाग जल्द पहल करे.

रेणु रवानी,

पंसस, बागोडीह.

सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है. लगभग 22000 की आबादी पेयजल से वंचित है. गर्मी ने अपना असर दिखाना चालू कर दिया है. इसको देखते हुए विभाग योजना को जल्द चालू करे, नहीं तो आंदोलन होगा.

दीपक साव,

समाजसेवी

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Author: PRADEEP KUMAR

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