शहर के विभिन्न वार्डों में नालियों और बड़े नालों की सफाई युद्धस्तर पर की जा रही है, ताकि बारिश का पानी बिना किसी बाधा के आसानी से निकल सके. इस अभियान के तहत नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई अभियान जारी है. सफाई कर्मियों के माध्यम से ट्रैक्टर में कचरों का उठाव कर अन्यत्र फेंका जा रहा है. सफाई को लेकर नगर निगम के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में सफाई कर्मियों से स्वच्छता अभियान को गति दे रहे हैं. सफाई कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है.
अभी भी कई इलाकों में बजबजा रही हैं नालियां
हालांकि, नगर निगम क्षेत्र के कई इलाकों में नालियों में अब भी गंदगी का अंबार है. गिरिडीह बस स्टैंड से लेकर मौलाना आजाद चौक तक सड़क के किनारे की नाली में गंदगी है. कचरा जमा रहने से लोगों को परेशानी हो रही है. इसके अलावे पचंबा इलाके में भी कुछ नालियां जाम है. बताया जाता है कि टावर चौक से लेकर कल्याणडीह तक सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान निर्मित नाला कई स्थानों पर अधूरा है. बरसात के दिनों में बारिश का पानी कई मोहल्लों में घुस जाता है. इससे कठिनाई होती है. इस समस्या का निराकरण जरूरी है. वरुण सिंह, अमर सिन्हा, संजीत सिंह आदि का कहना है कि मॉनसून से पूर्व तमाम व्यवस्था को दुरूस्त करने की जरूरत है. ताकि शहरवासियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.लगाये गये हैं अतिरिक्त सफाई कर्मी : उप नगर आयुक्त
नगर निगम के उप नगर आयुक्त प्रशांत कुमार लायक ने कहा कि मॉनसून के दौरान जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखना प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख नालों से लेकर मोहल्लों की छोटी नालियों तक की सफाई कराई जा रही है. बेहतर साफ-सफाई को लेकर 50 अतिरिक्त सफाई कर्मियों को रखा गया है. कहा कि सफाई कर्मी लगातार गाद, कचरा और प्लास्टिक जैसी सामग्री निकाल रहे हैं, जिससे पानी के प्रवाह में किसी प्रकार की रुकावट ना आये. कई स्थानों पर जेसीबी से नालों में मौजूद गंदगी को निकाली जा रही है. निगम की टीम नियमित रूप से सफाई कार्यों की निगरानी भी कर रहा है. जिन स्थानों पर पूर्व में जल जमाव की समस्या सामने आती रही है, वहां विशेष ध्यान दिया जा रहा है. उन्होंने लोगों से नालियों में कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थ नहीं फेंकने का अनुरोध किया है, क्योंकि इससे जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होती है. उनका मानना है कि शहरवासियों के सहयोग से ही शहर को स्वच्छ और जल जमाव मुक्त बनाया जा सकता है.
