बता दें कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में कार्यरत कुछ मनरेगा कर्मी मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण मनरेगा योजना के तहत संचालित विकास कार्यों एवं ग्रामीण मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हो रही है. कर्मियों की अनुपस्थिति से योजना के संचालन और लक्ष्यों की प्राप्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. जारी आदेश में कहा गया है कि मनरेगा कर्मियों की भूमिका योजना के सफल संचालन में अत्यंत महत्वपूर्ण है. उनकी हड़ताल के कारण मार्च, अप्रैल एवं मई 2026 के दौरान निर्धारित मानव दिवस सृजन के लक्ष्यों की प्राप्ति प्रभावित हुई है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों की गति भी धीमी पड़ी है.
काम पर नहीं लौटने पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने जिले के समग्र विकास, ग्रामीण मजदूरों के हितों की रक्षा तथा रोजगार सृजन कार्यों को गति देने के उद्देश्य से हड़ताल पर गये कर्मियों से अपील की है कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए अविलंब अपने कार्य पर लौटें और योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभायें. यदि संबंधित कर्मी एक सप्ताह के भीतर कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटते हैं, तो प्रावधानों के तहत उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जायेगी. जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि मनरेगा योजनाओं का सुचारू संचालन हो सके तथा ग्रामीण श्रमिकों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सके.
