कहा कि झारखंड के अधिकांश ग्रामीण इलाके पूरी तरह वर्षा आधारित खेती पर निर्भर हैं. सिंचाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण, यहां के किसान धान जैसी पारंपरिक फसलों तक ही सीमित रहते हैं.अन्य मौसमी व नगदी फसल उगाने में असमर्थ हैं. बारिश नहीं होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान होता है. मजबूरी में पलायन जैसी गंभीर समस्या भी है.
बगोदर क्षेत्र के हजारों मजदूर देश-विदेश में करते हैं काम
कहा कि स्थिति इतनी चिंताजनक है कि बगोदर क्षेत्र के हजारों किसान परिवार आज भी जीविकोपार्जन के लिए देश-विदेश में प्रवासी दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने को विवश हैं. आये दिन प्रवासी मजदूरों के साथ दुर्घटनाएं और सामाजिक समस्याएं सामने आती हैं, जो अत्यंत दुखद व चिंतनीय है. विधायक श्री महतो ने केंद्रीय मंत्री से झारखंड के सभी पंचायतों में डीप बोरिंग करवाने का आग्रह किया, ताकि किसानों को साल भर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके. कहा कि यदि प्रत्येक पंचायत में डीप बोरिंग की व्यवस्था की जाती है, तो न केवल पारंपरिक कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि फसल विविधीकरण संभव होगा. इससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और ग्रामीण पलायन की समस्या पर भी काफी हद तक रोक लगेगी. उनके साथ सांसद प्रतिनिधि देवनाथ राणा व विनोद यादव व मुखिया अजय यादव भी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
