गिरिडीह. बगोदर प्रखंड के खेतको गांव निवासी प्रवासी मजदूर संजय मिर्धा (36) की पुणे में मौत हो गयी. संजय पुणे में मजदूरी का काम करता था. उसकी मौत की सूचना वहां काम करने वाले उसके साथियों के माध्यम से ग्रामीणों और परिजनों को मिली. घटना की जानकारी मिलते ही खेतको गांव में शोक की लहर दौड़ गयी. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
बताया गया कि संजय मिर्धा रोजगार की तलाश में पुणे गया था और वहीं मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था. उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है. परिजन मौत के वास्तविक कारण की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था संजय
संजय मिर्धा परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. उसके पीछे पिता गेंदों तुरी, मां शांति देवी, पत्नी सोनियां देवी, पुत्र दीपेश कुमार और बेटी राधिका कुमारी हैं. संजय की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. परिजनों के अनुसार, संजय रोजगार के सिलसिले में पुणे गया था, लेकिन उसकी मौत की खबर आने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
शव गांव लाने के लिए प्रशासन से मदद की मांग
प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सिकंदर अली ने संजय मिर्धा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनके परिवारों के हित में संबंधित प्रशासन को आवश्यक पहल करनी चाहिए.
परिजनों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से संजय मिर्धा का शव पुणे से उसके पैतृक गांव खेतको जल्द से जल्द लाने की व्यवस्था कराने की मांग की है. परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शव को गांव तक लाने में आवश्यक सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की भी अपील की गयी है.
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