ज्ञापन में वार्ड सदस्यों ने कहा है कि मुखिया द्वारा लगातार वार्ड सदस्यों को दरकिनार किया जा रहा है. साथ ही फर्जी हस्ताक्षर कर कार्यकारिणी पंजी में संधारित किया गया है. वहीं कार्यकारिणी की बैठक की सूचना समयानुसार वार्ड सदस्यों को नहीं दी जाती है. इसके अलावा वार्ड सदस्य प्रमिला कुमारी को अपने आवास में बुलाकर मुखिया और तीन अन्य पुरुषों की मौजूदगी में जबरन धमकी देकर एक साथ कार्यकारिणी पंजी में हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया गया है. वार्ड सदस्यों को जानकारी दिये बगैर मनमानी तरीके से स्वयं लाभुक समिति बनाकर योजना का काम कराया जाता है. पंचायत भवन में सफाई कर्मी का चयन बिना वार्ड सदस्यों को जानकारी दिये कर लिया गया है. इसके साथ ही अबुआ आवास के लिए हुई ग्रामसभा की पंजी में हेराफेरी कर लाभुक का नाम बदला गया है. इसके अलावा पंचायत सचिवालय में सीसीटीवी कैमरे भी वार्ड सदस्यों के जानकारी दिये बगैर लगाये गये हैं.
आवेदन में लगाये कई आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि मुखिया और पंचायत सचिव द्वारा वित्तीय फंड की जानकारी वार्ड सदस्यों को कभी भी नहीं दी गयी है. 2023-2024 में तीन-चार लाख रुपये की निकासी जलमीनार रिपेयरिंग के नाम पर की गयी है, जबकि पंचायत में लगभग सभी जलमीनार खराब पड़े हैं. राम सागर तालाब में स्नान घाट की मरम्मत कार्य अपने मद से बिना सहमति के की गयी है और एक लाख 85 हजार रुपये की निकासी की गयी है. लागत से अधिक निकासी की गयी है. पंचायत भवन के रख रखाव के लिए प्रतिमाह 15 हजार दिया जाता है. इसकी जानकारी मुखिया से मांगने पर टाल मटोल किया जाता है. सभी वार्ड सदस्यों ने कहा है कि मुखिया मुनेजा खातून अपने दायित्यों के पालन में असफल रही हैं और उनके कार्यों से ग्राम पंचायत एवं ग्रामवासियों को नुकसान हो रहा है. उपायुक्त को दिये गये आवेदन में जांच कर मुखिया पर कार्रवाई की मांग वार्ड सदस्यों ने की है. आवेदन में उप मुखिया सूरज कुमार, जियाउल हक, तरन्नुम खातून, रेणु देवी, प्रमिला कुमारी, मकसूद आलम, धनेश्वरी देवी, मो मकसूद आलम, भीम पंडित, मदीना खातून, सफीना खातून ने हस्ताक्षर किये हैं. इधर, इस मामले में मुखिया मुनेजा खातून ने कहा कि उन पर लगाये गये आरोप गलत है. इसकी जांच बीडीओ द्वारा की जा सकती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
