रामजी मुर्मू ने कहा कि कुरमी समाज की मांगें आदिवासी हितों को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए इसका शांतिपूर्ण विरोध करना आवश्यक है. सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सात अक्तूबर को सरिया में कुड़मी समाज के अनुसूचित जनजाति (एसटी) दर्जे की मांग के विरोध में जुलूस निकाला जायेगा. जुलूस में बगोदर, सरिया और बिरनी के तमाम गांवों से मांझी बाबा समुदाय के लोग शामिल होंगे. जुलूस सरिया बाजार में भ्रमण कर अंचल कार्यालय पहुंचेगा. सीओ को ज्ञापन सौंपा जायेगा.
समुदाय की एकता पर जोर
बैठक में मौजूद लोगों ने निर्णय का स्वागत किया और समुदाय की एकता पर जोर दिया. लोगों ने कहा कि अपने अधिकार की लड़ाई के लिए सामाजिक एकजुटता जरूरी है. सरकार आदिवासियों के कल्याण के लिए कई योजना चला रही है. लेकिन, जागरूकता के अभाव में इसका समुचित लाभ हमें नहीं मिल रहा है. लोगों ने बच्चों को शिक्षित करने पर भी जोर दिया. मौके पर बुधन सोरेन, महेंद्र मांझी, भादो मांझी, सुरेंद्र मरांडी, बालेश्वर मरांडी, बाबूलाल मरांडी, उपेंद्र मरांडी, नेहरू लाल मांझी, महादेव मांझी, भरत मरांडी, ननकू मरांडी, दशरथ सोरेन, सुनील मरांडी, सुरेंद्र मांझी, दिनेश टुडू, लाल बेसरा, कामेश्वर मांझी, सुजीत सोरेन, तुलसी देवी, विष्णु देवी, सोमवारी देवी, रानी, चरकी देवी, सुखदेव मरांडी, रामेश्वर मुर्मू, नुनूलाल सोरेन, हरिलाल मांझी समेत अन्य मौजूद थे.
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