मधुबन स्थित गेस्ट हाउस में शुक्रवार को ग्रे वाटर मैनेजमेंट तथा ठोस एवं गीले कचरे के प्रबंधन को लेकर जैन धर्मशालाओं, ट्रस्टों और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों की बैठक हुई. बैठक में संस्थाओं द्वारा कचरा प्रबंधन को लेकर की जा रही तैयारियों और अब तक किये गये उपायों की जानकारी ली गयी.
कचरे के पृथक्करण पर दिया जोर
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, धनबाद के क्षेत्र पदाधिकारी ने ग्रे वाटर के समुचित प्रबंधन के साथ ठोस एवं गीले कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिये.
स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बताया
एसडीएम राजेश गुप्ता ने संस्थाओं के प्रतिनिधियों से उनके स्तर पर किये जा रहे कचरा प्रबंधन संबंधी कार्यों की जानकारी ली. उन्होंने व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि मधुबन जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थल पर स्वच्छता बनाये रखना सभी संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है.
उन्होंने कचरे के उचित निस्तारण के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की अपील की.
बैठक में बीडीओ मनोज मरांडी, सीओ ऋषिकेश मरांडी, श्री शिखरजी स्वच्छता समिति, जैन धर्मशालाओं, ट्रस्टों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे.
