इसकी जानकारी देते हुए सचिव धर्मप्रकाश ने कहा कि 12 फरवरी को देश के 10 केंद्रीय श्रम संगठन, सौ एसोसिएशन और फेडरेशन ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. इस हड़ताल के माध्यम से श्रम संहिता व बीमा कानून संशोधन बिल 2025 को वापस लेने, बीमा क्षेत्र में शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को निरस्त करने, एलआइसी में तृतीय व चतुर्थ वर्ग में कर्मचारियों की बहाली अविलंब शुरू करने, किसानों को एमएसपी की गारंटी देने, बैंकों का विलय बंद करने समेत अन्य मांग रखी जायेगी. कहा कि आज का द्वार प्रदर्शन कार्यक्रम इस हड़ताल की तैयारी के लिए रखा गया है. श्रमिक संगठनों के द्वारा इस हड़ताल को सफल बनाने का प्रयास किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि 12 फरवरी को गिरिडीह के तमाम बैंक, बीमा कार्यालय तथा अन्य कार्यालय बंद रहेंगे.
कॉरपोरेट के इशारे पर बने हैं लेबर कोड
बीएसएसआर यूनियन के राज्य सचिवालय सदस्य मृदुल कांति दास ने कहा कि लेबर कोड केंद्र सरकार ने कॉरपोरेट के इशारे पर बनाया है, जिसका उपयोग मजदूरों के शोषण के लिए किया जायेगा. श्रम संगठन बनाना तथा हड़ताल करना लगभग असंभव हो जायेगा. कार्यक्रम में अनुराग मुर्मू, विजय कुमार, उमानाथ झा, रोशन कुमार, सबा परवीन, अंशु कुमारी सिंघानिया, देवनाथ दास, राजेश कुमार, माहेश्वरी वर्मा, महफूज अली, प्रदीप कुमार, घनश्याम साव, प्रदीप प्रसाद, पंकज कुमार, सुनील वर्मा, संजय शर्मा समेत अन्य उपस्थित थे.
आम हड़ताल को सफल बनाने पर मंत्रणादेवरी. भाकपा माले ने गुरुवार को हरकुंड और बंडिया में बैठक कर 12 फरवरी की आम हड़ताल को सफल बनाने पर चर्चा की. हरकुंड में सचिव मुताज अंसारी और बंडिया में टेकनारायण हांसदा की अध्यक्षता में बैठक हुई. बंडिया के ग्रामीणों ने रोड और पानी की समस्या बतायी. कहा कि नदी का पानी पीने की मजबूरी है. गांव में दो चापाकल हैं. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का हल नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जायेगा. बैठक में प्रखंड सचिव मुस्तकीम अंसारी, प्रकाश यादव, अहमद अंसारी, कलीम अंसारी, इसलाम अंसारी, जानकी राय, अंग्रेज तुरी, गुड़ा तुरी, सीताराम राय, मुख्तार अंसारी, सोमरा हेंब्रम, चुन्नू मरांडी, मनोज हेंब्रम, रमन मरांडी, छोटकी मरांडी, संझली सोरेन, अनीता सोरेन आदि मौजूद थे.