संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनका बकाया मानदेय भुगतान नहीं हुआ, तो आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिले भर की जलसहिया कार्यपालक अभियंता कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल करेंगी. जलसहिया संघ के प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह व जिलाध्यक्ष देवंती देवी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महीनों पहले लंबित मानदेय के लिए आवंटन विभाग को भेज दिया गया था. इसके बावजूद गिरिडीह के दोनों प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं ने मानदेय रोक रखा गया है.
एक वर्ष से नहीं हुआ है भुगतान
संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि केवल 2000 मासिक पर काम करने वाली इन महिलाओं का एक वर्ष का मानदेय बकाया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है. कहा कि होली से पहले भुगतान का आश्वासन मिला, लेकिन वह भी खोखला साबित हुआ. महिलाओं का कहना है कि एक तरफ सरकार नारी शक्ति का सम्मान करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर विभाग के अधिकारी उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं. संगठन ने इस आंदोलन की विधिवत सूचना कार्यपालक अभियंता के साथ-साथ प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, पेयजल व स्वच्छता मंत्री तथा जिला प्रशासन को पत्र लिखकर दे दी है.
