अभियान के तहत पहाड़ की तलहटी से लेकर वंदना पथ के विभिन्न स्थानों तक डस्टबिन लगाये जायेंगे. इनमें जमा होने वाले प्लास्टिक बोतल और अन्य अपशिष्ट को समय-समय पर नीचे लाकर निस्तारित किया जायेगा, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनी रहे.
धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि पारसनाथ पर्वत जैन धर्मावलंबियों के लिए विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. वहीं, आदिवासी समाज इसे मरांगबुरु के रूप में पूजता है. साथ ही, यह पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण स्थल है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. मंत्री ने सुझाव दिया कि पहाड़ पर प्लास्टिक बोतल ले जाने पर प्रतिबंध लगाने की व्यवस्था विकसित की जाये. इसके बदले वैकल्पिक पात्र उपलब्ध कराये जायें, जिन्हें श्रद्धालु वापसी में तलहटी में जमा कर सकें.स्वच्छता के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन
मंत्री ने कहा कि स्वच्छता से जुड़ी किसी भी आवश्यकता की जानकारी मिलने पर समाधान किया जायेगा. कार्यक्रम में भविष्य में और ठोस कदम उठाने पर भी चर्चा की गयी. स्थानीय लोगों और समिति के सदस्यों ने इस पहल को पर्वत की स्वच्छता बनाये रखने की दिशा में अहम कदम बताया. कार्यक्रम में एसडीपीओ सुमित प्रसाद, बीडीओ मनोज मरांडी, प्रमुख सविता टुडू, महेंद्र महतो, तेजनारायण महतो, भरत साहू, अंबिका राय, रितेश मंदिलवार, झरीलाल महतो, निर्मल तुरी, कैलाश अग्रवाल, सुमन सिन्हा, दीपक बेगानी, संजीव पांडेय, सुभाष जैन, दिलीप तुरी, संतोष जैन, रंजीत सिंह, अभिषेक सहाय, मनोज जैन, नागेंद्र सिंह, संतोष ठाकुर, अमित चंद्रवंशी, लइका तुरी, बिरजू मरांडी, युवराज महतो, विद्याभूषण मिश्रा, चंपा देवी, हेमलता देवी, शैलेश जैन, रंजीत सिंह, सोनी मिश्रा, प्रवीण जैन, दिलीप सिंह, बबलू जैन, सतेंद्र जैन, अमित जैन, दिनेश्वर महतो आदि मौजूद थे.
