पूर्व में तिसरी को कोडरमा से बिजली मिलती थी. डोमचांच होकर बिजली लाइन आती थी, तो उस समय डोमचांच के क्रशरों के लिए तिसरी की बिजली काट दी जाती थी. इससे तिसरी वासियों को भारी परेशानी होती थी. अब जबसे तिसरी को गिरिडीह से जोड़ दिया गया है, तो यहां की बिजली की स्थिति में बहुत सुधार हुआ. 18-20 घंटे तक बिजली मिल रही थी. इधर, कुछ दिनों से एक बार फिर बिजली की आंख मिचौनी जारी है. इसमें सुधार लाने की मांग विभाग से कर रहे हैं. इस बाबत तिसरी के सहायक विद्युत अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि गिरिडीह पॉवर ग्रिड में लोड शेडिंग होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है. हवा व पानी के कारण भी कभी-कभी पॉवर ऑफ कर दिया जाता है, वैसे फिर भी क्षेत्र में सुचारू रूप से बिजली दी जा रही है. कुछ टेक्नीकल खराबी के कारण कुछ समय के लिए बिजली बंद की जाती है, दुरुस्त के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाती है.तिसरी. प्रखंड में इन दिनों बिजली की आंख मिचौनी से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गयी है. बिजली का आना-जाना और खासकर रात में बिजली के घंटों नहीं रहने से लोग परेशान हैं. पूर्व में तिसरी को कोडरमा से बिजली मिलती थी. डोमचांच होकर बिजली लाइन आती थी, तो उस समय डोमचांच के क्रशरों के लिए तिसरी की बिजली काट दी जाती थी. इससे तिसरी वासियों को भारी परेशानी होती थी. अब जबसे तिसरी को गिरिडीह से जोड़ दिया गया है, तो यहां की बिजली की स्थिति में बहुत सुधार हुआ. 18-20 घंटे तक बिजली मिल रही थी. इधर, कुछ दिनों से एक बार फिर बिजली की आंख मिचौनी जारी है. इसमें सुधार लाने की मांग विभाग से कर रहे हैं. इस बाबत तिसरी के सहायक विद्युत अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि गिरिडीह पॉवर ग्रिड में लोड शेडिंग होने के कारण यह स्थिति बनी हुई है. हवा व पानी के कारण भी कभी-कभी पॉवर ऑफ कर दिया जाता है, वैसे फिर भी क्षेत्र में सुचारू रूप से बिजली दी जा रही है. कुछ टेक्नीकल खराबी के कारण कुछ समय के लिए बिजली बंद की जाती है, दुरुस्त के बाद आपूर्ति शुरू कर दी जाती है.
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