इसमें छात्राओं को ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने का उपाय बताया गया. डीसीएपी कैलाश महतो ने कहा कि शिविर का मकसद छात्राओं और अध्यापकों को साइबर अपराधों से सतर्क करना है. वहीं, डीएसपी नीलम कुजूर ने कहा कि ओटीपी साझा करना, अजनबी लिंक पर क्लिक करना या सोशल मीडिया पर निजी जानकारी देना खतरनाक हो सकता है. जागरूकता और साइबर कानून की जानकारी से ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है. मौके पर वार्डेन विजय लक्ष्मी, जॉली वर्मा, शैलबाला कुमारी, दीपिका झा, सुनीता कुमारी, सत्यवती पांडेय आदि मौजूद थीं.
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