Giridih News: बीमार और मर रहे पक्षियों की बढ़ रही संख्या चिंता का विषय

Giridih News: धनवार प्रखंड अंतर्गत घोड़थंभा के दयालपुर, भिंगोडीह व अरखांगो आदि क्षेत्रों के खेत-खलिहान, तालाब किनारे और यहां तक कि घरों के आंगन में भी मृत या बीमार पक्षी पाये जा रहे हैं.

स्थानीय लोगों के मुताबिक पक्षियों में पहले सुस्ती, उड़ान में कमी और भूख न लगने के लक्षण दिखते हैं. इसके बाद देखते ही देखते उनकी मौत हो जाती है. बीमार हो रहे या मर रहे पक्षियों की संख्या में लगातार हो रहे इजाफे ने पर्यावरण प्रेमियों और पशु-पक्षी संरक्षण से जुड़े लोगों को चिंता में डाल दिया है.

कबूतर से हुई बीमारी की शुरुआत

रोशन कुमार, लोकेश चौधरी, शाहनवाज हुसैन, प्रवीण कुमार, महादेव दास, रंजीत दास, राजकुमार विश्वकर्मा आदि ग्रामीणों का कहना है कि पहले कुछ कबूतर और चिड़िया बीमार होकर गिरे. अब यह बीमारी कबूतरों के अलावा कौआ, मैना और अन्य स्थानीय प्रजातियों तक फैल चुकी हैं. गंभीर बात यह है कि वन विभाग और पशुपालन विभाग के अधिकारी अभी तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं. न तो मृत पक्षियों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है और न ही बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए कोई अभियान शुरू किया गया है.

वजह जानने को वैज्ञानिक जांच जरूरी : एसडीओ

खोरीमहुआ के अनुमंडल पदाधिकारी अनिमेष रंजन ने बताया कि यह किसी वायरल संक्रमण, कीटनाशक के प्रभाव, टावर रेडिएशन या मौसम में अचानक आये बदलाव का नतीजा हो सकता है. हालांकि, बीमारी की असली वजह का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच जरूरी है. उन्होंने लोगों से अपील में कहा कि यदि यह बीमारी किसी संक्रामक वायरस के कारण है, तो यह अन्य वन्य जीवों, पालतू पशुओं और यहां तक कि इंसानों तक भी फैल सकती है. ऐसे में मृत पक्षियों को हाथ न लगाएं, बच्चों को उनसे दूर रखें और तुरंत स्थानीय प्रशासन या वन विभाग को सूचना दें.

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By MAYANK TIWARI

MAYANK TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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