गिरिडीह. पथ निर्माण विभाग देवघर की ओर से मरगोमुंडा से पंदनिया मोड़ तक सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण तो कर दिया गया, लेकिन जमीन अधिग्रहण का मुआवजा अब भी कई रैयतों को नहीं मिल पाया है. विभागीय प्रक्रिया के पेंच में फंसे करीब आधा दर्जन ग्रामीण मुआवजे की राशि के लिए कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, मरगोमुंडा-पंदनिया मोड़ सड़क निर्माण व चौड़ीकरण के लिए गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत जमजोरी पंचायत के पंदनिया, भातुपुर और नावाडीह गांव के करीब 36 ग्रामीणों की जमीन अधिग्रहित की गयी थी. इनमें कुछ रैयतों को मुआवजे की राशि का भुगतान कर दिया गया है, जबकि आधा दर्जन रैयत अब भी भुगतान का इंतजार कर रहे हैं.
भुगतान पत्र मिलने के बाद भी नहीं मिली राशि
भातुपुर के अर्जुन सोरेन, बबलू सोरेन, बुधराम, साहेब लाल, तारापद मांझी और मिहीलाल सोरेन समेत अन्य रैयतों ने बताया कि जमीन अधिग्रहण के एवज में देय राशि के भुगतान का पत्र उन्हें मिल चुका है. इसके बावजूद अब तक उनके खाते में मुआवजे की राशि नहीं पहुंची है.
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रैयतों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए उनकी जमीन ली जा चुकी है, लेकिन मुआवजा नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वे लगातार संबंधित विभाग से भुगतान की मांग कर रहे हैं.
एक सप्ताह में भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर झामुमो नेता उदय महादेव मरांडी ने विभाग से रैयतों को अविलंब मुआवजे की राशि देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि जमीन देने वाले रैयतों को उनका हक समय पर मिलना चाहिए. एक सप्ताह के अंदर मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया, तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
