बाबूलाल मरांडी घोड़थंभा में दो समुदायन में तनाव के बाद पीड़ितों से मिलने घोड़थंभा पहुंचे थे. वहां पहुंचने के बाद उनसे मिलने पीड़ितों के साथ-साथ पीड़ित परिवार की कई महिलाएं मिली और पुलिसिया कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया. इस मौके पर श्री मरांडी ने कहा कि लोगों को न्याय मिलना चाहिए. पुलिस जो तंग कर रही है और लोगों को रात में सोने नहीं दे रही है, ये सब बंद होनी चाहिए. पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत राज्य सरकार और जिला प्रशासन मामले की तुष्टीकरण में लगी हुई है. दोनों पक्षों पर प्राथमिकी दर्ज करने और दोनों पक्षों से गिरफ्तारी करने का कोई मतलब नहीं है. एक तरफ के लोग रंग-अबीर खेल रहे थे और दूसरे पक्ष के लोग हमला कर रहे थे. फिर दोनों पक्ष पर कार्रवाई का मतलब क्या है. दोनों पक्षों से प्राथमिकी या गिरफ्तारी तब होना चाहिए था, जब दोनों तरफ के लोग डंडा लेकर आपस में भिड़ रहे होते या दोनों पक्ष से पथराव हो रहा होता. कहा कि जिसके हाथ में रंग-अबीर है, उसे अंदर किया जा रहा है. जबकि, जिन लोगों ने पत्थरबाजी की, बोतल फेंका व पेट्रोल बम चलाया, उनलोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.
फिर से गुमटी लगायें
श्री मरांडी ने कहा कि जिन लोगों की गुमटियां जल गयी, वहां प्रशासन गुमटी लगवाने की छूट दें. जो लोग फिर से गुमटी लगाकर अपना गुजर-बसर करना चाहते हैं, उन्हें पुलिस तंग कर रही है. यदि गुमटी लगवाने नहीं दिया गया तो वे फिर घोड़थंभा आयेंगे और खुद गुमटी लगवायेंगे. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का संपत्ति का नुकसान हुआ है, उनलोगों को पार्टी के स्तर पर सहयोग दिया जायेगा और पूरा मुकदमा भी पार्टी खुद लड़ेगी.
ओपी इंचार्ज और सीओ पर कार्रवाई करे सरकार
उन्होंने कहा कि पुलिस की असफलता के कारण मुस्लिमों का मनोबल बढ़ा है. कहा कि उन्हें जानकारी मिली कि प्रत्येक पूजा में इसी गली से जुलूस गुजरता है. ऐसे में घोड़थंभा ओपी प्रभारी ने जुलूस को रोक कर तनाव बढ़ाने की कोशिश की है. बताया कि जब वे घोड़थंभा पहुंचे तो लोगों ने ओपी प्रभारी ईश्वरनाथ शंभू और राजधनवार के सीओ की काफी शिकायतें की.कहा कि ओपी इंचार्ज के साथ-साथ सीओ के विरूद्ध सरकार अविलंब कार्रवाई करें. साथ ही कहा कि पुलिस और पदाधिकारियों की उपस्थिति में पत्थर चल रहा था. पुलिस अधिकारी तुष्टीकरण छोड़कर वैसे घरों को चिन्हित करें जिनके घर से पत्थर चलाया जा रहा था और जो लोग हमले में शामिल थे. मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष महादेव दूबे, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य चुन्नूकांत, अशोक उपाध्याय, महेंद्र वर्मा, कामेश्वर पासवान, मनोज यादव, मनोज संघई, उषा कुमारी आदि मौजूद थे.
ट्रेनिंग पर गये शंभुनंद ईश्वर के कामकाज पर उठ रहे हैं सवाल
लगभग एक माह पूर्व पुलिस के कई अवर निरीक्षकों को ट्रेनिंग में भेजा गया था जिसमें घोड़थंभा के ओपी प्रभारी ईश्वरनाथ शंभु भी शामिल हैं. अब ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब श्री ईश्वरनंद ट्रेनिंग में गये थे तो पिछले 10 दिनों से किसके अनुमति से घोड़थंभा क्षेत्र में ओपी प्रभारी के रूप में कामकाज संभाले हुए थे. इस बाबत भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सुरेश साव ने कहा कि जब कुबरी गली में जोगीड़ा टोली जा रहा था तो उस दौरान भी ओपी प्रभारी के रूप में शंभुनंद ईश्वर ही मोर्चा संभाले हुए थे और उन्होंने ही जुलूस को रोका था.
जबकि अब जानकारी मिल रही है कि कागजों पर कोई अन्य अवर निरीक्षक को प्रभारी प्रतिनियुक्त किया गया है. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच वरीय पुलिस अधिकारियों से करवाने की मांग की है और कहा है कि दोषी पुलिस अधिकारी ईश्वरनाथ शंभू के विरूद्ध कार्रवाई हो. इस मामले को लेकर जब खोरीमहुआ के एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि होली के अवसर पर जिला से ईश्वरनाथ को घोड़थंभा बुलाया गया था.साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले पर वरीय अधिकारियों से बात कर लें. इसी मामले पर जब पुलिस इंस्पेक्टर रोहित महतो से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि वे 16 मार्च यानि रविवार की शाम से घोड़थंभा ओपी प्रभारी के प्रभार में हैं. वे भी अन्य सवालों से कटते नजर आये.
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