कार्यक्रम के दौरान हिंदी भाषा साहित्य के इतिहास और वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व हिंदी के महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद व आधुनिक कवि भारतेंदु हरिश्चंद्र के चित्र पर माल्यार्पण से की गयी. छात्रों ने हिंदी साहित्य पर अपने विचार भी प्रस्तुत किये. मौजूद लोगों ने हिंदी साहित्य के उद्भव एवं विकास पर अपने विचार दिये. कहा कि हिंदी केवल एक भाषा ही नहीं एक संस्कृति है. जो अनेक बोलियां से लीं गयीं हैं. उन्होंने हिंदी भाषा की प्रगति के लिए कहा कि भाषा एक बहता हुआ पानी है. इसमें अन्य भाषाओं का समावेश होने से इसकी प्रगति और हो जाती है.
कार्यक्रम में इन्होंने निभायी सहभागिता
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. सुबीर कुमार ख्वास, सचिव अशोक यादव, प्रो बुद्धदेव यादव, प्रो प्रेम कुमार प्रसाद, प्रो इंद्रदेव प्रसाद, प्रो वासुदेव महतो, प्रो रंजन कुमार, प्रो सैयद मोहम्मद फिरोज, प्रो अमृता ज्योति टोप्पो, डॉ हसन परवीन, डॉ सीमा कुमारी, डॉ ऋषि बाला, डॉ सुनीता कुमारी, प्रो प्रियांशा जायसवाल, राजेंद्र रजक, अनिल कुमार, अजय कुमार, भेखलाल महतो, संतोष, जागेश्वरी देवी, कौशल्या देवी उपस्थित थे.
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