अभियान के दौरान हाथियों के झुंड को धावाटांड़, छातापत्थर, पोखरियादाह, पचरुखी, बड़कीटांड़, फतेहपुर खुर्द, प्रतापपुर, पालगंज, करपरतारडीह, कुम्हरलालो, करणपुरा, मदनपुरा, दूधनिया और दुबेडीह होते हुए पास के घने जंगल क्षेत्र की ओर सुरक्षित पहुंचाया गया. राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में जानमाल की किसी प्रकार की क्षति की सूचना नहीं मिली है.
गेहूं की फसल को पहुंचाया नुकसान
हालांकि कुछ स्थानों पर हाथियों द्वारा गेहूं की फसल खाने की जानकारी सामने आई है, जिसकी जांच के बाद प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. खबर लिखे जाने तक हाथियों के केंदुआडीह पहाड़ी क्षेत्र में होने की सूचना थी. एलिफैंट ड्राइव अभियान में प्रभारी वनपाल रोहित कुमार, उप परिसर पदाधिकारी अशोक कुमार और संतोष कुमार दास के साथ विशेषज्ञ टीम, स्थानीय ग्रामीण एवं क्यूआरटी वाहन की सक्रिय भागीदारी रही.
