सुबह से लेकर देर शाम तक गर्मी का प्रकोप रहता है. शाम ढलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिलती है, लेकिन रात में बिजली की आंखमिचौनी होती रहती है. गर्मी के प्रकोप के कारण लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलते हैं, गर्म हवा की वजह से कई लोग लू की चपेट में आ रहे हैं. बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है. रविवार को गिरिडीह का अधिकतम तापमान 42 डिग्री रहा. रविवार की दोपहर में गर्मी परवान पर रही.
दोपहर में घर से निकलने से परहेज कर रहे लोग
धूप तेज होने की वजह से लोग दोपहर में घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे हैं. धूप से बचने के लिए लोग छाता व गमछा का प्रयोग करते हैं. वैसे लोग जिनके पास एसी व कूलर है उन्हें तो परेशानी नहीं होती है, लेकिन जिनके पास यह संसाधन नहीं है, उन्हें काफी दिक्कत होती है. रात में बिजली कटने के बाद लोग हाथ पंखा से गर्मी दूर करने का प्रयास करते हैं. वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में लोग पेड़ के नीचे बैठकर सुकून महसूस करते हैं. पिछले कुछ दिनों में गिरिडीह का तापमान 40 डिग्री के आसपास रह रहा है.
शीतल पेय पदार्थों की बढ़ी मांग
प्रचंड गर्मी की वजह से शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ गयी है. लोग सतू, ईख का जूस समेत आम रस और शिकंजी का सेवन कर रहे हैं. नींबू पानी व आम झौर की भी मांग बढ़ी है. बाजार निकलने वाले लोग शीतल पदार्थों का सेवन अवश्य करते हैं. गिरिडीह जिला के मुख्य सड़कों के किनारे ईख का जूस बेचने वाले ठेला लगा कर रहते हैं. राहगीर यहां रुककर जूस सेवन करने के साथ आराम करते हैं. गर्मी में मिट्टी के घड़े की मांग भी बढ़ गयी है. मोहल्लों में इसे बेचने और खरीदने वालों की भीड़ रहती है. लोगों का कहना है कि घड़ा का पानी पीना अच्छा लगता है.
