नगर पंचायत क्षेत्र के सरिया रेलवे फाटक से बागोडीह चौक तक का पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा. इसके अलावा नावाडीह, सबलपुर, पावापुर, मंधनिया, चंद्रमारणी व बागोडीह पंचायत के 15 से अधिक गांवों में भी बिजली आपूर्ति बाधित है. जानकारी के अनुसार शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे सरिया रेलवे पावर हाउस के पीछे पेयजलापूर्ति पाइप बिछाने के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई की जा रही थी. इसी दौरान भूमिगत 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गयी. तार कटते ही पूरे मध्य क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद हो गयी. स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी सूचना विद्युत विभाग को तत्काल दे दी गयी, लेकिन समय पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने के कारण बिजली नहीं मिल रही है. गर्मी के कारण घरों में रहना मुश्किल हो गया. मोबाइल फोन, इन्वर्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद हो गये. कई क्षेत्रों में पेयजलापूर्ति भी प्रभावित हुई. व्यवसाय पर भी इसका असर पड़ा है.
शुक्रवार सुबह 10 बजे गयी बिजली शनिवार शाम चार बजे आयी
ग्रामीण और स्थानीय नागरिकों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत समय पर शुरू कर दी जाती तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती. लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी भी देखी गई. शनिवार सुबह करीब 10 बजे गिरिडीह से विद्युत विभाग की तकनीकी टीम सरिया पहुंची और क्षतिग्रस्त भूमिगत लाइन की मरम्मत शुरू की. करीब छह घंटे तक चले मरम्मत कार्य के बाद शनिवार शाम लगभग 4 बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी. बिजली लौटने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली. हालांकि 36 घंटे तक हुई परेशानी से लोगों में विभाग के प्रति असंतोष है.
