राहत की बात यह रही कि सिलिंडर लीक नहीं किया और ना ही सड़क पर लुढ़क रहे सिलिंडर की चपेट में कोई वाहन आया. अन्यथा बड़ी घटना भी हो सकती थी. दुर्घटना का कारण आरओबी के लिए बनायी गयी डायवर्सन रोड की जर्जर स्थिति है. बीच सड़क पर कई जगह गड्ढे बन गये हैं. जल जमाव से गड्ढों का पता नहीं चलता है और प्राय: दुर्घटना हो जाती है.
बताते चलें कि रांची दुमका मुख्य सड़क किनारे स्थित सरिया नगर पंचायत क्षेत्र को हावड़ा-दिल्ली रेलवे लाइन दो भागों में बांटती है. यह सड़क काफी व्यस्त रहती है. बीच में रेलवे फाटक होने से सड़क जाम की समस्या आम है. इस परेशानी से मुक्ति के लिए सरकार रेलवे फाटक 20बी 3टी के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण करवा रही है. धर्मपाल महतो, कुशकांत सिंह, दीपक सिंह लड्ढा, भीमसेन मोदी, टिंकू साव, प्रो अरुण कुमार का कहना है कि संवेदक व स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.डायवर्सन ठीक नहीं रहने के कारण दो पहिया, चार पहिया व टेंपो दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं. बुधवार को एलपीजी सिलिंडर से भरा एक टेंपो बीच सड़क पर पलट गया, जिसे आनन-फानन में स्थानीय लोगों ने उठाकर सड़क के किनारे किया और चालक को सुरक्षित निकाला.
इसी प्रकार की घटना 10 दिन पूर्व इसी जगह के आसपास हुई थी. सरिया रेलवे फाटक के समीप आरओबी निर्माण स्थल के पास सामान लदा एक मालवाहक टेंपो गड्ढे की चपेट में आकर पलट गयी. उस समय कई स्कूली बच्चे व आम राहगीर उधर से गुजर रहे थे.अधिकारियों के निर्देश का नहीं हुआ पालन
जाम व दुर्घटना के बाद कई बार सरिया-बगोदर के एसडीएम संतोष गुप्ता की अगुवाई में रेलवे व बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण कर संवेदक कर्मियों को कई निर्देश दिये, लेकिन आज तक एक का भी पालन नहीं हुआ. इधर, प्रशासनिक उदासीनता के कारण संवेदक का मन लगातार बढ़ता जा रहा है.निर्माण स्थल पर स्थित अतिक्रमण व संरचना हटाने के बाद दोनों ओर व्यवस्थित रूप से पीसीसी सड़क बनानी थी. साथ ही सड़क के दोनों ओर नालियों का भी निर्माण किया जाना था. लेकिन, ऐसा नहीं किया गया. इसके कारण लोगों के घरों व दुकानों से निकलने वाला गंदा पानी पूरे सड़क में फैलाता है. लोगों को पैदल भी चलने में परेशानी होती है. कई जगहों पर बिजली के पोल बीच सड़क पर हैं.
संवेदक को रेलवे तथा बिजली विभाग समन्वय स्थापित कर सड़कों के बीचोंबीच खड़े बिजली के पोल हटाने का निर्देश, जाम को नियंत्रित करने के लिए रेलवे फाटक के दोनों ओर दो-दो सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने, कार्य के दौरान दिन भर पानी का छिड़काव करने, बड़ी दुर्घटनाओं को टालने के उद्देश्य से कार्यस्थल के चारों ओर कार्य प्रगति या खतरे सम्बंधित बोर्ड, रेडियम पट्टी व बैरकेडिंग करने, सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित डायवर्सन बनाने, टूटे हुए स्लैब को बदलने का निर्देश दिया गया था. इसमें से एक भी काम अभी तक नहीं हुआ है. इसके कारण लोगों की परेशानी लगातार बढ़ते जा रही है.जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त करने का दिया गया है निर्देश : एसडीएम
इस संबंध में एसडीएम संतोष गुप्ता ने कहा कि आरओबी निर्माण स्थल पर आने-जाने के लिए सुदृढ़ तरीके से डायवर्सन बनाने तथा बिजली के खंभे को हटाने का निर्देश संवेदक को दिया गया था. लेकिन, अभी तक इस पर अमल नहीं किया गया. उन्होंने संज्ञान लेते हुए संवेदक से अविलंब निर्देश पालन करने की बात कही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
