ट्रैक्टर ने साइकिल सवार फकीरापहरी गांव के कार्तिक महतो को भी धक्का मार दिया. इसके कारण वह नवनिर्मित नाली में साइकिल समेत जा गिरा. उसे मामूली चोट आयी. स्थानीय लोगों ने उसे नाली से बाहर निकाल प्राथमिक उपचार कराकर उसे घर भेज दिया. वहीं, पेट्रोल पंप के आसपास के लोगों ने स्कूटी सवार चंद्रिका मंडल को घायल अवस्था में उठाकर देवकी अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तथा शव को देखकर चीत्कार करने लगे. सरिया पुलिस भी अस्पताल पहुंचकर घटना से संबंधित जानकारी लोगों से ली और शव को पोस्टमार्टम के लिए बगोदर भेज दिया गया. इधर, घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भागने में सफल रहा. सरिया पुलिस ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया.
ट्रैक्टर चालक बरतते हैं लापरवाही
स्थानीय लोगों की मानें तो ट्रैक्टर चालकों की लापरवाही के कारण आये दिन सड़कों पर मौत दौड़ती है. अवैध खनन कर बालू की कालाबाजारी में लिप्त लोग सुबह चार बजे से लेकर दिनभर इस कारोबार में लगे रहते हैं. चोरी-छिपे अवैध बालू बेचने वाले लोगों को संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का भय भी बना रहता है. इसके कारण बाजार की सड़कों पर चालक काफी तेज गति से ट्रैक्टर चलाते हैं. खास बात यह है कि चालकों में अधिकतर अवयस्क या बिना लाइसेंस के हैं. बालू ढोने ट्रैक्टरों में छोटे-छोटे लाउडस्पीकर भी लगे रहते हैं. जिससे ऊंची आवाज में ट्रैक्टर चालक फूहड़ गीत बजाकर मस्ती में चलते हैं. यह सब खेल अधिकारियों की नजरों के सामने होता है. बावजूद प्रशासन इसपर कोई पहल नहीं करता है. स्थानीय लोगों के दबाव पड़ने पर कभी-कभी चेकिंग के नाम पर बालू लदे एक-दो ट्रैक्टर जब्त कर खानापूर्ति की जाती है.
दो माह पूर्व एक शिक्षक भी गवां चुके हैं जान
बता दें कि लगभग दो माह पूर्व एसआरके डीएवी में कार्यरत शिक्षक गणेश प्रसाद सिन्हा की केश्वारी में ट्रैक्टर की चपेट में आने से मौत हो गयी थी. सड़क दुर्घटना में बढ़ती मौत से लोग काफी सहमे हुए हैं. लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से अवैध रूप से बालू निकासी तथा अवैध रूप से, अवयस्क ट्रैक्टर चालकों पर रोक लगाने और भीड़ वाली सड़कों पर स्पीड लिमिट करवाने की मांग की है.
