डीसी ने जिले के विकास से संबंधित सरकार की प्रायोजित विभिन्न योजनाएं नाबार्ड, पीएलपी 2025-26, किसान क्रेडिट कार्ड, जमा साख, महिला स्वयं सहायता समूह की क्रेडिट लिकेज, पीएमईजीपी की उपलब्धि, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, आरसेटी के कार्य, स्टैंड अप इंडिया की उपलब्धि एवं एनपीए जैसी विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की. इस दौरान डीडीसी ने चालू वित्तीय वर्ष में डेयरी, मत्स्य पालन, बकरी पालन, सूअर पालन, पशुपालन आदि पर जोर दिया. उन्होंने सभी बैंकर्स को जीएम, जिला उद्योग केंद्र से समन्वय स्थापित कर पीएमजीईपी के लक्ष्य को पूरा करने का निर्देश दिया. इसके अलावा वार्षिक ऋण योजना तीसरी तिमाही की समीक्षा की गई. सभी बैंकों के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया. समीक्षा के क्रम में किसान क्रेडिट कार्ड योजना की प्रगति की समीक्षा की गई तथा किसानों को केसीसी ऋण उपलब्ध कराने का दिशा निर्देश दिया गया. इसके अलावा बैठक में एलडीएम को निर्देशित किया गया कि वे बैंकों की उप समिति की पूर्ण बैठक कर व योजना बनाकर जमा साख के अनुपात में सुधार लाएं. इसके अलावा स्वयं सहायता समूह योजना के तहत क्रेडिट लिंकेज की समीक्षा की गई. एलडीएम को निर्देश दिया गया कि क्रेडिट लिकेज के लिए प्रत्येक बैंक में सप्ताह में एक दिन निश्चित करें. उपरोक्त तिथियों को बैंकों में एसएचजी को क्रेडिट लिंकेज के लिए उपलब्ध कराएंगे. यह भी सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी आवेदन रिसीव करने से पहले आवेदन को अच्छी तरह से देख लें ताकि उसमें कहीं त्रुटि की संभावना ना हो.
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