पुनः सुबह होते ही हाथी सरिया के जंगलों में डेरा डाल देते हैं. वन विभाग की ओर से हाथियों के लिए मुकम्मल व्यवस्था नहीं किये जाने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. विगत रविवार रात को तीसरे दिन भी 32 हाथियों का झुंड सरिया थाना क्षेत्र के जंगल से निकलकर हरदिया होते हुए माखमरगो पहुंचा व किसान तजरुल अंसारी, युसूफ अंसारी, कुसुम बीबी, सहदेव राय व मनोहर राय के खेत में लगे प्याज, गेहूं व सरसों को नष्ट करते हुए बाराटांड़ निवासी रुस्तम अंसारी, मुनेजा खातुन, सकुला बीबी, किताबुन बीबी का प्याज व, गेंहू को चट करते हुए कपिलो निवासी सहबुना खातून की चहारदीवारी को ध्वस्त कर दिया. वहां से वन विभाग के अधिकारी व कर्मियों ने हाथियों को खदेड़कर भगाया तो हाथी चानो निवासी डेगन सिंह, रेखा देवी, रामदेव सिंह, गणेश सिंह, महेंद्र सिंह के खेत में लगी फसल को खाते हुए पैरों से रौंद डालां कड़ी मश्क्कत के बाद हाथियों को चानो से खदेड़कर भगाया. फिलहाल हाथी कोडरमा के पपलो जंगल में शरण लिए हुए हैं. प्रभारी फोरेस्टर अबोध महथा ने बताया कि लगातार हाथी तीन दिनों से बिरनी के अलग अलग क्षेत्र में आ जा रहे हैं. इससे वन विभाग के अधिकारियों व कर्मियों के साथ किसान भी परेशान हैं. सभी किसान की नष्ट फसल की जांच की जा रही है. विभाग से सभी को मुआवजा दिलाया जाएगा. हाथियों के झुंड को भगाने में उप परिसर पदाधिकारी गोपी रजक, रामेश्वर महतो, लखन मरांडी, आंनद कुमार, विनोद कुमार पासवान समेत कई लोग शामिल थे.
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