पहले चरण में जामताड़ा, गिरिडीह, बोकारो, खूंटी, धनबाद, गोड्डा समेत आठ जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. दूसरे चरण में शेष जिलों में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जायेंगे. कहा कि इसका उद्देश्य मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाना तथा राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर करना है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए जल्द ही एआइ आधारित सुविधाएं और टेलीमेडिसिन सेवा शुरू की जायेगी. इसके तहत एक मोबाइल एप लॉन्च किया जायेगा, जिसके माध्यम से मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से ऑनलाइन परामर्श ले सकेंगे. एप पर मरीजों को दवा, इलाज और स्वास्थ्य संबंधी अन्य आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध होगी. उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है. इससे मरीजों को आधुनिक और बेहतर उपचार मिल सकेगा.
रिम्स-टू परियोजना से लोगों को मिलेगा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ
रिम्स-टू परियोजना का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि यह राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम है और इसके बनने से लोगों को सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा. उन्होंने विपक्ष पर विकास कार्यों का विरोध करने का आरोप लगाया. कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है. पुरानी 108 एंबुलेंस सेवा को बंद कर नयी व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे लोगों को बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा सकेगी.
