मुख्य अतिथि राज्य के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण में गांडेय विधानसभा क्षेत्र के 60,432 मतदाता अनमैप्ड हैं. इन सभी अनमैप्ड मतदाताओं को मैपिंग कराने में पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए टू मदद करें. बीएलए टू के साथ-साथ जो पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी हैं उनको भी एसआइआर में लगना होगा. उन्होंने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को मैपिंग में आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के लिए झारखंड सरकार गंभीर है.
राइट टू सर्विस के तहत होगा सेवा पखवारा का आयोजन
मंत्री ने कहा कि बहुत जल्द राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सेवा पखवारा का आयोजन कर लोगों का जन्म, जाति व आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली बनवाने का कार्य किया जायेगा. इससे लॉजिकल एरर को खत्म करने में भी मदद मिलेगी.
14 जून को कार्यकर्ताओं को दिया जायेगा प्रशिक्षण
जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि पार्टी एसआइआर को लेकर गंभीर है. एसआइआर एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं छूटे, इसके लिए पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकताओं को प्रशिक्षित किया जायेगा. इसको लेकर आगामी 14 जून को उत्सव उपवन में जिला के सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण दिया जायेगा. जमुआ के पूर्व विधायक केदार हाजरा ने कहा कि झामुमो एसआइआर प्रक्रिया को लेकर कार्य करना शुरू कर दिया है. मतदाताओं को भी जागरूक होने की जरूरत है. यदि एसआइआर में नाम कट गया, तो फिर भविष्य में नाम जुड़ेगा की नहीं, यह अधर में है. जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि झारखंड में अंतिम एसआइआर 2003 में हुआ था, इसमें कहीं भी किसी मतदाता के माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का नाम है, तो उनका नाम जुड़ जायेगा. झारखंड के बाहर देश में कहीं भी मतदाता के माता-पिता दादा-दादी या नाना-नानी का नाम रहेगा, तो भी नाम जुड़ेगा.
इनकी रही उपस्थिति : नुनूराम किस्कू, खुर्शीद अनवर हादी, चांदमल मरांडी, शब्बीर अंसारी, अनवर अंसारी, बिनोद सोरेन, शब्बीर आलम ने अपने-अपने क्षेत्र के मतदाताओं के एसआइआर को लेकर समस्या रखी और कई सुझाव दिये. बैठक में शहनवाज अंसारी, विजय सिंह, हलधर राय, गोपीन मुर्मू, ध्रुवदेव पंडित, बैजनाथ राणा, भैरव वर्मा, बिनोद सोरेन, अरुण पाठक, वाहिद खान, किसुन सोरेन, मो सलीम, मुस्तकीम अंसारी, जाकिर अंसारी, फकरुद्दीन अंसारी, राजेश दास, मंजू मरांडी, आजाद अंसारी, केसो मुर्मू, बासुदेव यादव, नीलकंठ मंडल, सुरेंद्र सोरेन, अशोक सोरेन, सीताराम हांसदा, मनोज मंडल, रविन्द्र वर्मा, सरफराज अंसारी आदि मौजूद थे.