इस क्षण को याद करते हुए गिरिडीह के प्रबुद्धजनों ने गांधी शताब्दी समारोह मनाने का निर्णय लिया है. इसकी तैयारी चल रही है. इस समारोह की सफलता के लिए गिरिडीह के प्रबुद्धजनों का सहयोग अपेक्षित है. बताया कि महात्मा गांधी छह अक्तूबर को देवघर से वर्तमान गिरिडीह जिले के खरगडीहा आये थे. गिरिडीह में दो दिनों के प्रवास के बाद गिरिडीह से मधुपुर गये थे. दो दिनों के गिरिडीह प्रवास के दौरान उन्होंने यहां के लोगों और संस्कृति की सराहना करते हुए आमजन को खादी, स्वावलंबन और स्वतंत्रता आंदोलन में समर्पण के लिए प्रेरित किया था. गिरिडीह में स्वतंत्रता संग्राम को नयी दिशा दी थी. यह यात्रा गिरिडीह के लिए एक ऐतिहासिक पल है. महात्मा गांधी के आगमन के सौ वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक अवसर पर गांधी शताब्दी समारोह का आयोजन किया जा रहा है.
समारोह में होंगे कई कार्यक्रम
समारोहमें कई कार्यक्रम होंगे. समारोह खरगडीहा और गिरिडीह में मनाया जायेगा. इसके अंतर्गत गांधी विचार और दर्शन पर संगोष्ठी, खेलकूद, सांस्कृतिक समारोह तथा दो दिवसीय खरगडीहा से पचंबा तक की पदयात्रा की जायेगी. समारोह की सफलता के लिए आयोजन समिति बनायी गयी है. आयोजन समिति में सतीश कुंदन, बैद्यनाथ, बैजनाथ प्रसाद बैजू, रामदेव विश्वबंधु, उमेश तिवारी, सुरेश शक्ति, अरुण शर्मा, आलम अंसारी, रोहित दास, जयकुमार मिश्र, बद्री दास, नवीन सिन्हा, प्रो बलभद्र, प्रो फ्रफुल्ल सिंह भी शामिल हैं. प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार राकेश सिन्हा, लक्ष्मी अग्रवाल, आलोक रंजन, रितेश सराक, प्रभाकर, सुनील मंथन शर्मा व विलियम जैकब, समाजसेवी धरणीधर प्रसाद, शंकर पांडेय, राजेश सिन्हा, रामजी यादव, मनौवर हसन बंटी, सैयद साबिह अशरफ, दिलीप मंडल, चंदर वर्मा, दिवस कुमार मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
