गांडेय से समशुल अंसारी की रिपोर्ट
Gridih News: झारखंड के गिरिडीह जिले के गांडेय में बुधवार को धन्वंतरि होड़ोपैथिक इको पार्क का उद्घाटन किया गया. जवाहर नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा विद्यालय के बीच निर्मित इस पार्क का उद्घाटन स्थानीय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे.
डॉ पीपी हेंब्रम के सपने को मिला आकार
उद्घाटन समारोह के दौरान विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि यह इको पार्क होड़ोपैथिक पद्धति के विख्यात विशेषज्ञ डॉ. पीपी हेंब्रम के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को भी नई पहचान मिलेगी.
इको पार्क में आधुनिक सुविधाओं का समावेश
इस इको पार्क को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है. यहां चारों ओर चहारदीवारी बनाई गई है, साथ ही भव्य तोरण द्वार का निर्माण किया गया है. पार्क में करीब 200 औषधीय पौधों का रोपण किया गया है, जो होड़ोपैथिक चिकित्सा के लिए उपयोगी माने जाते हैं.
शिक्षा और शोध के लिए भी उपयोगी
पार्क में कॉन्फ्रेंस हॉल सह पुस्तकालय भवन और एक प्रयोगशाला (लैब) का भी निर्माण किया गया है. इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को अध्ययन और अनुसंधान के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इसके अलावा चार गैजिबो (बैठक टेंट) बनाए गए हैं, जहां लोग बैठकर प्रकृति का आनंद ले सकते हैं.
सिंचाई और पहुंच पथ की व्यवस्था
पौधों के संरक्षण के लिए सिंचाई की समुचित व्यवस्था की गई है. साथ ही पार्क तक आसानी से पहुंचने के लिए बेहतर पहुंच पथ का निर्माण किया गया है. लताओं वाले पौधों के लिए विशेष ‘लत द्वार’ भी बनाया गया है, जो पार्क की सुंदरता को और बढ़ाता है.
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
उद्घाटन कार्यक्रम में डीसी रामनिवास यादव, एसपी डॉ. विमल कुमार, एसडीओ श्रीकांत बिस्पुते, डीएफओ मनीष कुमार तिवारी समेत कई अधिकारी मौजूद थे. इसके अलावा झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, प्रखंड अध्यक्ष चांदमल मरांडी, सचिव मो. शब्बीर सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी शामिल हुए.
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पर्यावरण और परंपरा का संगम
धन्वंतरि होड़ोपैथिक इको पार्क पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के संगम का एक अनूठा उदाहरण है. इस पार्क के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति और औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जानकारी मिलेगी. यह पहल क्षेत्र के विकास और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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