Giridih News : बाल तस्करी का शिकार होने से बचाये गये चार नाबालिग

Giridih News : झारखंड में बाल तस्करी की समस्या अत्यंत गंभीर

By MANOJ KUMAR | January 14, 2026 12:25 AM

Giridih News : प्रतिनिधि, सरिया. रेलवे सुरक्षा बल पूर्व मध्य रेलवे पोस्ट हजारीबाग रोड की सक्रियता से चार नाबालिग बच्चों को बाल तस्करी का शिकार होने से बचाया गया. घटना मंगलवार की सुबह लगभग 10:27 बजे की है. घटना के संबंध में आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी विश्वनाथ कुमार ने बताया कि सुरक्षा नियंत्रण कक्ष धनबाद तथा चाइल्डलाइन के माध्यम से उन्हें सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 12365 डाउन पटना रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस के D-5 कोच में कुछ लोग नाबालिग बच्चों को ले जा रहे हैं. सूचना मिलते ही उक्त गाड़ी को हजारीबाग रोड रेलवे स्टेशन पर आगमन के पश्चात ड्यूटी में तैनात आरपीएफ सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार सिंह सदल-बल पहुंचे. उक्त कोच में खोजबीन कर रेल मदद के माध्यम से नाबालिग चार बच्चे एवं एक आदमी को गाड़ी से उतर कर पोस्ट पर लाया गया. उक्त व्यक्ति से पूछताछ करने पर अपना नाम पिंटू लाठौर, पिता लालन लाठौर, साकिन नादियावां, थाना काको, जिला जहानाबाद (बिहार) बताया. उसने बताया कि इसमें तीन उनके बच्चे हैं. वहीं एक बच्ची उसकी नहीं है. वह लगभग एक महीना से उसके साथ रह रही है. आरपीएफ ने सभी बच्चों को आरपीएफ पोस्ट पर नाश्ता कराया और खाना खिलाया. उस व्यक्ति के संदिग्ध व्यवहार को देखते हुए औपचारिकताओं को पूर्ण कर चारों बच्चे तथा उनके कथित अभिभावक की उचित पहचान कर अग्रिम कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति गिरिडीह के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए छोटेलाल पांडेय एसोसिएशन फॉर वॉलंटरीएक्शन, क्षेत्रीय कार्यालय हीरोडीह के समक्ष कागजी एवं अन्य कार्रवाई करते हुए बनवासी विकास आश्रम गिरिडीह के कार्यक्रम समन्वयक उत्तम कुमार को सुपुर्द कर दिया गया. बताया गया कि इन लोगों के पास कोई आधार कार्ड या कोई कागजात नहीं था. पहने हुए कपड़े के अलावा कोई सामान इन बच्चों के पास नहीं थे. इधर नवासी विकास आश्रम के समन्वयक उत्तम कुमार ने कहा कि झारखंड में बाल तस्करी की समस्या अत्यंत गंभीर है. बाल तस्करों के लिए रेलवे मार्ग सुगम और सुलभ है, लेकिन बाल अधिकार कार्यकर्ताओं के नेटवर्क का जाल फैला हुआ है. आरपीएफ भी बच्चों के ट्रैफ़िकिंग क़ो लेकर अत्यंत संवेदनशील है. अतः आम लोगों को भी सहयोग करने की जरूरत है. निःशुल्क फोन सेवा 1098 पर कॉल करने से बचपन को तस्करों से मुक्त कराया जा सकता है. इस रेस्क्यू अभियान में उत्तम कुमार, छोटेलाल यादव, भागीरथी देवी की अहम भूमिका थी.

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