गिरिडीह. नव भारत साक्षर कार्यक्रम (उल्लास पहल) के तहत रविवार को सरिया प्रखंड के 155 विद्यालयों में परीक्षा आयोजित की गयी. इसमें 15 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के 965 शिक्षार्थी शामिल हुए. ये ऐसे लोग हैं, जिन्हें औपचारिक रूप से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल सका.
परीक्षा का आयोजन भारत सरकार के नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत किया गया. इसका उद्देश्य ऐसे लोगों के बुनियादी पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल का मूल्यांकन करना है, जो अब तक इन कौशलों से पूरी तरह परिचित नहीं हो सके हैं.
क्षेत्रीय भाषा में हुई परीक्षा
संकुल साधन सेवी (बंदखारो) प्रकाश पांडेय ने बताया कि परीक्षा शिक्षार्थियों की क्षेत्रीय भाषा में आयोजित की गयी. उन्होंने कहा कि परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों के बुनियादी साक्षरता और गणितीय कौशल का आकलन किया जाएगा. परीक्षा का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआइओएस) की ओर से साक्षरता का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है. इससे नव-साक्षरों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि का औपचारिक प्रमाण मिलेगा.
प्राथमिक से मध्य विद्यालय तक केंद्र
सरिया प्रखंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय और उत्क्रमित मध्य विद्यालयों में परीक्षा आयोजित की गयी. संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों ने परीक्षा में शामिल शिक्षार्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिका उपलब्ध करायी. परीक्षा के दौरान शिक्षार्थियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी.
नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली शिक्षा से वंचित रहे 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों को बुनियादी शिक्षा से जोड़ना और उनके पढ़ने-लिखने तथा गणितीय कौशल का विकास करना है. सरिया प्रखंड में आयोजित परीक्षा में 965 शिक्षार्थियों की भागीदारी इसी पहल के तहत हुई.
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