अभिमित ने विकास कार्य में बाधा डालने, छिनतई, तीन जेसीबी को नुकसान पहुंचाने, वन कर्मियों को धमकाने समेत अन्य आरोप लगाये हा. पुलिस ने नौ नामजद और 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आरोपितों में गुमगी निवासी रामकुमार राउत, महेश राउत, सुभाष राउत, प्रदीप यादव, नरेश यादव, सिकंदर यादव, रितु यादव, रामचरित्र यादव, हासिमुद्दीन अंसारी नामजद व 40 लोगों को अज्ञात अभियुक्त बनाया गया है.
टोला की दो महिलाओं ने भी दिया आवेदन
वहीं, गुरुवार को दूसरे पक्ष की टोला लेबड़िया की रहनेवाली कमला देवी पति राजू भूला और चंपा देवी पति बिगुली भूला ने तिसरी थाना में आवेदन दिया है. इसमें उन्होंने वनपाल अभिमित पर गंभीर आरोप लगाया है. कहा है कि वह अपनी मौजा गुमगी के खाता नंबर 17, प्लॉट 0677,रकवा 200 एकड़ जमीन पर थी. इसी बीच वन कर्मी आए और जेसीबी से मेरी जमीन की कटाई करने लगे. विरोध करने पर वनपाल ने जाति सूचक गाली दी. महिलाओं ने कहा कि बुधवार को ग्रामीणों ने पत्थरबाजी नहीं की. आरोपित रामकुमार राउत ने कहा है कि वह बुधवार को वे एक पंचायती के सिलसिले में जमुआ प्रखंड के लताकी गांव में थे. वहीं, उनका पुत्र महेश राउत भी तिसरी मुख्यालय स्थित अपने पेट्रोल पंप पर था. ऐसे में कैसे हमलोगों का नाम कथित पथराव कांड में दे दिया गया. इसी तरह हासिमउद्दीन अंसारी ने कहा कि उसके चचेरे भाई का इंतकाल हो गया था और मैं कब्रिस्तान में था. वहीं, नरेश यादव और प्रदीप यादव का भी कहना है कि हम दोनों निजी कार्य को लेकर बुधवार को डीसी कार्यालय में थे. कहा कि इस तरह के झूठे केस को वन विभाग वापस ले.
