सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी पर सोमवार को देवरी प्रखंड का माहौल पूरी तरह शिवमय रहा. बारिश के बावजूद सुबह से ही विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही. गांव-गांव और घर-घर में भगवान भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे. श्रद्धालुओं ने जल, बेलपत्र, फूल और पूजा सामग्री के साथ मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि व परिवार की मंगलकामना की.
अलसुबह से मंदिरों में पहुंचने लगे श्रद्धालु
बारिश के बीच अलसुबह से ही श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. महिलाओं और युवतियों ने उपवास रखकर भगवान शिव की पूजा की. मंदिर परिसरों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा. मौसम खराब होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी.
प्रमुख शिवालयों में रही विशेष चहल-पहल
देवपहाड़ी शिव मठ, चतरो (घासीडीह) स्थित लकड़गढ़ा महादेव मंदिर, गुनियाथर के जिरानाथ महादेव मंदिर, बेलकुशी महादेव मंदिर, भोजपुरो के मुरलीपहाड़ी मंदिर, कुंडेलवा महादेव मंदिर, विराजपुर के महादेव पहाड़ी मंदिर और तिलयडीह के सत्येश्वर महादेव मंदिर में विशेष चहल-पहल रही. श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की.
अंतिम सोमवारी को सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर
सावन की अंतिम सोमवारी होने के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी थीं. श्रद्धालुओं को जलाभिषेक और पूजा के दौरान परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा गया. भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए विभिन्न शिवालयों में पुलिस बल की तैनाती भी की गयी थी.
बारिश भी नहीं रोक सकी आस्था
लगातार बारिश के बीच भी श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों तक पहुंचे. कई स्थानों पर सामूहिक पूजा और शिव स्तुति का आयोजन हुआ. अंतिम सोमवारी पर देवरी क्षेत्र में आस्था, भक्ति और सामुदायिक सहभागिता का नजारा देखने को मिला. देर तक मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहा.
