संतुरपी जीटी रोड में हुए दर्दनाक सड़क हादसे लोगों के लिए एक सबक भी है. बता दें कि संतुरपी में उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय के बच्चे 14 फरवरी 2016 को सरस्वती प्रतिमा विसर्जन के लिए जीटी रोड पर जुलूस निकाला था. जुलूस में स्कूली बच्चे के अलावा संतुरपी-गैड़ा के लोग भी नाचते-गाते चल रहे थे.
जुलूस में घुसा था कंटेनर
इसी दौरान जीटी रोड बगोदर की ओर से जा रहा एक कंटेनर अनियंत्रित होकर जुलूस में घुस गया. दुर्घटना में 12 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी थी. इनमें सुखदेव पंडित, संजय बर्णवाल, राम प्रसाद बर्णवाल, विनय शर्मा, गौतम बर्णवाल, सचिन राणा, शंकर पंडित, पवन पंडित, ओमप्रकाश पंडित, हेमलाल पंडित, सौरभ कुमार राणा व अजय राणा शामल है. घटना के बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गयी. वहीं, कई लोग घायल भी हुए थे. घटना की सूचना पर काफी संख्या में आसपास के लोग पहुंचे हुए थे. जीटी रोड भी जाम हो गया. रात भर आवागमन बाधित रहा. हर साल 14 फरवरी को संतुरपी चौक पर श्रद्धांजलि सभा होती है. शनिवार को भी श्रद्धांजलि सभा होगी. इसमें 12 मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी जायेगी.
नहीं मिला आज तक नियोजन : घटना को लेकर मृत परिवार के सदस्यों का कहना है कि मुआवजा तो दिया गया, लेकिन सरकारी नौकरी घोषणा के बाद भी नहीं मिली. घटना को आज भी याद कर वह कांप जाते हैं.संवाददाता कुमार गौरव
