हाथियों के झुंड ने रामा यादव, द्वारिका यादव, अर्जुन यादव व भुनेश्वर यादव के खेत में लगभग आठ एकड़ जमीन में लगे मकई, भिंडी, झिंगा, लौकी, टमाटर, गन्ना समेत कई फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया. साथ ही केले के पौधों को भी नष्ट कर दिया. बगीचे में लगी आम बागवानी को हाथियों ने पैरों से रौंद डाला. आम के कई पेड़ों को तोड़कर बर्बाद कर दिया. झुंड गांव के अर्जुन यादव के घर की खिड़की तोड़कर घर में रखे करीब दो क्विंटल चावल, आटा और सरसों खा गया. वहीं, घर में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. पीड़ित अर्जुन यादव ने बताया कि हाथियों के झुंड से लगभग 75 से 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. कई लोगों की चहारदीवारी को भी तोड़ दिया.
15 वर्षों से हाथी मचा रहे उत्पात
पीड़ित किसान परिवारों ने बताया कि पिछले 15 वर्षों से हाथी उत्पात मचा रहे हैं. इस दौरान झुंड कई बार उनके कंपाउंड और खेतों में घुस चुका है, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है.
आज तक नहीं मिला मुआवजा
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार वन विभाग को आवेदन देने के बावजूद आज तक एक भी रुपये का मुआवजा नहीं मिला. किसानों ने कहा कि खेती ही उनके परिवार के आय का एकमात्र साधन है. लेकिन, हर वर्ष हाथी उनकी मेहनत और पूंजी पर पानी फेर रहे हैं. वन विभाग पर नाराजगी जताते तथा आरोप लगाया कि जब विभाग की टीम हाथियों को भगाने पहुंचती है तो ग्रामीणों को ही डांट-फटकार लगाती है. स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता. ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द मुआवजा देने, हाथियों के आतंक से राहत दिलाने तथा सुरक्षा व्यवस्था के तहत तत्काल 10 हैलोजन लाइट और पांच टॉर्च उपलब्ध कराने की मांग की है.
सरिया खुर्द व राजदह के जंगल में है झुंड
वहीं, इस मामले में वन परिसर पदाधिकारी अंशु कुमार ने बताया कि हाथियों का झुंड वर्तमान में सरिया खुर्द व राजदह के जंगल में विचरण कर रहा है. उसे भागने के लिए बाहर से एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया है. उन्होंने लोगों को सचेत रहने की सलाह दी, ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके. कहा कि हाथी प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के लिए सोलर लाइट लगाया जायेगा. कहा कि वैसे व्यक्ति प्रभावित ग्रामीण विभाग को आवेदन दें. जांचोपरांत विभाग उन्हें निर्धारण व उचित मुआवजा देगा.
