बगोदर वन क्षेत्र के इलाके में चार दिनों से 25 हाथियों का झुंड डेरा जमाये हुए है. रात में भोजन की तलाश में निकलने वाला हाथियों का झुंड लगातार खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है. बुधवार की रात अटका जीटी रोड स्थित लक्षीबागी के कुशवाहा हिंदू होटल को हाथियों ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया. रमेश मेहता के इस होटल को हाथियों ने चार दिनों में तीसरी बार तोड़ा है. इसके अलावा कई किसानों की मक्का, सब्जी और गन्ने की फसल बर्बाद हो गयी है.
दिन में जंगल में डेरा, रात में मचा रहे उत्पात
हाथियों के झुंड को खदेड़ने में वन विभाग के प्रयास अब तक सफल नहीं हो सके हैं. बगोदर वन क्षेत्र के पश्चिमी जोन में अटका जीटी रोड, लक्षीबागी और बूढ़ाचांच गांव के आसपास हाथियों का आतंक बना हुआ है.
बुधवार को दिनभर हाथियों का झुंड बूढ़ाचांच के जंगल में डेरा डाले रहा. रात होते ही हाथियों ने होटल और आसपास के खेतों में धावा बोल दिया. इस दौरान किसानों के खेतों में लगी मक्का, गन्ना, मिर्च और खीरा समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया.
हजारीबाग वन क्षेत्र से भटककर पहुंचे हाथी
बताया जाता है कि हजारीबाग वन क्षेत्र से भटककर करीब 25 हाथियों का झुंड अटका इलाके में पहुंचा है. पिछले चार दिनों से झुंड के यहां डेरा जमाये रहने से ग्रामीणों और किसानों में भय का माहौल है. हाथियों को खदेड़ने के लिए अब तक विशेषज्ञ टीम के नहीं पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गयी है.
50 किसानों की फसलें बर्बाद
हाथियों के झुंड ने अब तक करीब 50 किसानों के खेतों में लगी मक्का, गन्ना और सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया है. इनमें बासो मेहता, दशरथ मेहता, लालू मेहता, अर्जुन मेहता, बहादूर मेहता, विजय मेहता, वकील मेहता, बसंत मेहता, राहुल मेहता, डोमन मेहता, अमतुलाल मेहता, लक्ष्मण मेहता, रमेश कुमार, छोटी मेहता, जयनारायण मेहता, विनय मेहता, सुभाष मेहता, नुनमेन मेहता, पवन मेहता, छोटन मेहता, सहदेव मेहता, ज्ञानी मेहता और अशोक मेहता समेत अन्य किसान शामिल हैं.
वन विभाग की टीम ने लिया नुकसान का जायजा
हाथियों के उत्पात की सूचना के बाद वन विभाग की टीम अटका इलाके में पहुंची और नुकसान का जायजा लिया. ग्रामीणों ने हाथियों को जल्द क्षेत्र से बाहर निकालने और फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है.
