मंत्री का स्वागत विद्यालय के प्राचार्य सचिन गर्ग ने पुष्प गुच्छ व शॉल भेंटकर किया. कार्यक्रम की शुरुआत डीएवी की वैदिक परंपरा के अनुरूप हवन यज्ञ के साथ हुई. इसमें मंत्री, प्राचार्य, शिक्षक, अभिभावक एवं अन्य अतिथियों ने अपनी सहभागिता दी. मंत्री ने ब्लेसिंग सेरेमनी में 12वीं के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, सफलता व उत्तम परिणाम की शुभकामना व आशीर्वाद दिया. मंत्री ने बाल वाटिका का उद्घाटन करते हुए विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण व अधिकाधिक पेड़ लगाने का आह्वान किया. मंत्री ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला होती है. छात्र रूपी कच्चे घड़े को शिक्षक रूपी गुरु आकार देने का कार्य करते हैं. बाल वाटिका के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में संस्कारयुक्त व पूर्ण शिक्षा दी जायेगी, जो उनके भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होगी. उन्होंने विद्यालय परिवार को इस शैक्षणिक पहल के लिए शुभकामना. साथ ही विद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रशंसा की. विद्यालय की एक छात्रा ने मंत्री की बनायी गयी फोटो भेंट की.
बच्चों के लिए आनंददायक वातावरण विकसित करना उद्देश्य
विद्यालय के प्राचार्य ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि विद्यालय का लक्ष्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि सुरक्षित और आनंददायक वातावरण में बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है. बाल वाटिका इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कहा कि डिजिटल शिक्षा व पूरे बाल वाटिका सेक्शन वातानुकूलित करने के लिए हम प्रयासरत हैं. मौके पर गिरिडीह न्यायालय के प्रिंसिपल जज धनंजय कुमार, डॉ विकास लाल, राजू खान समेत अन्य मौजूद थे.
