बारिश के अभाव में खेत जुताई व बीज बुआई का कार्य प्रभावित

धान की खेती के लिए बीज डालने का रोहिणी नक्षत्र सबसे उपयुक्त समय माना जाता है. देवरी प्रखंड के अधिकांश किसान रोहिणी नक्षत्र में धान बीज की बुआई करते हैं. लेकिन, 25 मई को रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होने के बाद बारिश नहीं होने से बीज की बुआई व खेत की जुताई का कार्य प्रभावित हो गया है.

देवरी. धान की खेती के लिए बीज डालने का रोहिणी नक्षत्र सबसे उपयुक्त समय माना जाता है. देवरी प्रखंड के अधिकांश किसान रोहिणी नक्षत्र में धान बीज की बुआई करते हैं. लेकिन, 25 मई को रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ होने के बाद बारिश नहीं होने से बीज की बुआई व खेत की जुताई का कार्य प्रभावित हो गया है. कृषक अली बक्श अंसारी, अनिल सिंह, राजकुमार वर्मा, छक्कू महतो, टेकलाल महतो, राजू सिंह आदि ने बताया कि बारिश के अभाव में खेतों में नमी नहीं रहने से वह बीज की बुआई नहीं कर पा रहे हैं. बारिश का इंतजार है. बारिश होते ही बीज की बुआई शुरू की जायेगी. बीज की बुआई के साथ खेतों की जुताई भी नहीं हो पा रही है. हालांकि, पूर्व में हुई बारिश के बाद कई किसान ने बीज की बुआई के लिए खेत को तैयार कर रखा है. बारिश होते ही बीज की बुआई का काम शुरू होगा.

किसानों को नहीं मिला बीज

रोहिणी नक्षत्र समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है. वहीं, प्रखंड के कृषकों को सरकारी स्तर पर अभी तक खरीफ फसल का बीज नहीं मिला है. प्रखंड के कृषकों ने धान व अन्य खरीफ फसल की बीज उपलब्ध करवाने की मांग की है. इस बाबत देवरी के कृषि पदाधिकारी संजय कुमार साहू ने बताया कि बीज का आवंटन नहीं मिला है. आवंटन प्राप्त होते ही कृषकों को बीज उपलब्ध करवाया जायेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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