सावन माह की अंतिम सोमवारी पर देवरी प्रखंड के कुश्वर गांव के श्रद्धालुओं ने आस्था और भक्ति की मिसाल पेश की. बूटन यादव के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने गुनियाथर स्थित तेलंगा नदी से जल भरा और पहले जिरानाथ महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद करीब 20 किलोमीटर पैदल यात्रा कर चतरो (घासीडीह) स्थित लकड़गढ़ा महादेव मंदिर पहुंचे. यहां श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की.
रास्तेभर गूंजते रहे भोलेनाथ के जयकारे
जल लेकर निकली श्रद्धालुओं की टोली ने पूरे रास्ते भगवान शिव के जयकारे लगाये. इससे यात्रा मार्ग का माहौल भक्तिमय बना रहा. अंतिम सोमवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया.
यात्रा में कुश्वर गांव की संजू कुमारी, गेंदिया देवी, काजल कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, मीणा देवी, करिश्मा कुमारी, सुलेखा कुमारी, देवकी देवी और कुशमी देवी शामिल थीं. वहीं लोका गांव की बबीता देवी और बबीता कुमारी समेत अन्य श्रद्धालुओं ने भी यात्रा में हिस्सा लिया.
लगातार चौथी सोमवारी पर की पैदल यात्रा
बूटन यादव ने बताया कि सावन की लगातार चौथी सोमवारी पर श्रद्धालुओं ने जिरानाथ महादेव मंदिर से पैदल यात्रा कर लकड़गढ़ा महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव को जल अर्पित किया. श्रद्धालुओं ने बताया कि सावन की सोमवारी पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा के तहत वे हर वर्ष श्रद्धा के साथ यह यात्रा करते हैं.
लंबी दूरी के बावजूद नहीं कम हुआ उत्साह
करीब 20 किलोमीटर की लंबी पैदल यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना रहा. अंतिम सोमवारी पर हुई इस यात्रा में सामूहिक आस्था और शिवभक्ति का माहौल देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया.
