झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति (जेएलकेएम) के केंद्रीय उपाध्यक्ष व छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो बुधवार देर रात 24 जिलों की जनसंपर्क एवं संवाद यात्रा के क्रम में जमुआ चौक पहुंचे.
यहां स्थानीय युवाओं, छात्रों और ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने युवाओं के साथ सीधा संवाद किया और राज्य की भर्ती व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया तथा प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी.
छात्रों में सरकार के रुख के कारण असंतोष
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि युवाओं की मांगों को लेकर संघर्ष के दबाव में सरकार ने 17 अगस्त को 45 विवादित परीक्षाओं के संबंध में कार्रवाई की. इनमें 22 परीक्षाएं रद्द करने तथा छह परीक्षाओं पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि न्यायालय में मामले जाने के बाद कुछ परीक्षाओं पर रोक लगी है. इसके बावजूद छात्रों में यह भावना है कि उन्हें फिर निराश किया गया है.
जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग
उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक पर रोक लगाने तथा इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य 24 जिलों में युवाओं को एकजुट कर भर्ती व्यवस्था में सुधार की आवाज बुलंद करना है. उन्होंने इसे किसी राजनीतिक दल का आंदोलन नहीं, बल्कि संविधान और युवाओं के अधिकारों से जुड़ा संघर्ष बताया.
जमुआ के युवाओं ने भी रोजगार व भर्ती की समस्याएं
संवाद के दौरान जमुआ के युवाओं ने भी रोजगार और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याएं रखीं तथा आंदोलन को समर्थन देने की बात कही. मौके पर केंद्रीय संयुक्त महासचिव रोहित दास, प्रखंड अध्यक्ष संतोष यादव, पिंटु कुशवाहा, दिवस कुमार, किशोर वर्मा, सलेश सिंह, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनीता सिंह, जितेंद्र सिंह, टिंकू राणा, यूनुस अंसारी व ताणेश्वर वर्मा समेत अन्य मौजूद थे.
